सीरियाई अरब गणराज्य
جمهورية سوريا العربية
अल-जम्हूरिया अल-अरबिया अस-सूरियाह
ध्वज कुल चिह्न
राष्ट्रगान: Homat el Diyar
भूमि के पालक
राजधानी
और सबसे बडा़ नगर
दमिश्क
33°30′N 36°18′E / 33.500°N 36.300°E / 33.500; 36.300
राजभाषा(एँ) अरबी
निवासी सीरियन
सरकार अध्यक्षीय गणतंत्र आपातकाल कानून के अंतर्गत 1963 से
 -  राष्ट्रपति बशर अल-असाद
 -  प्रधानमंत्री मोहम्मद नाजी अल-ओतारी
स्वतंत्रता फ्रांस से
 -  प्रथम घोषणा सितंबर 19361 
 -  दूसरी घोषणा 1 जनवरी 1944 
 -  मान्यता 17 अप्रैल 1946 
क्षेत्रफल
 -  कुल 185180 km2 (88 वां)
 -  जल (%) 0.06
जनसंख्या
 -  2007 जनगणना 19,405,000 (55 वां)
सकल घरेलू उत्पाद (पीपीपी) 2007 प्राक्कलन
 -  कुल $87.09 बिलियन (63 वां)
 -  प्रति व्यक्ति $4,488 (111 वां)
सकल घरेलू उत्पाद (सांकेतिक) 2007 प्राक्कलन
 -  कुल $37.76 बिलियन (73 वां)
 -  प्रति व्यक्ति $1,946 (114 वां)
मानव विकास सूचकांक (2013)Red Arrow Down.svg 0.658[1]
मध्यम · 118वाँ
मुद्रा सीरियन पाउंड (SYP)
समय मण्डल EET (यू॰टी॰सी॰+2)
 -  ग्रीष्मकालीन (दि॰ब॰स॰) EEST (यू॰टी॰सी॰+3)
दूरभाष कूट 963
इंटरनेट टीएलडी .sy
1. The Franco-Syrian Treaty of Independence (1936), not ratified by France.

सीरिया (अरबी: سوريّة Sūrriya or Sūrya), आधिकारिक रूप से सीरियाई अरब गणराज्य (अरबी: الجمهورية العربية السورية ), दक्षिण-पश्चिम एशिया का एक राष्ट्र है। इसके पश्चिम में लेबनॉन तथा भूमध्यसागर, दक्षिण-पश्चिम में इजराइल, दक्षिण में ज़ॉर्डन, पूरब में इराक़ तथा उत्तर में तुर्की है। इसराइल तथा इराक़ के बीच स्थित होने के कारण यह मध्य-पूर्व का एक महत्वपूर्ण देश है। इसकी राजधानी दमास्कस है जो उमय्यद ख़िलाफ़त तथा मामलुक साम्राज्य की राजधानी रह चुका है।

अप्रैल 1946 में फ्रांस से स्वाधीनता मिलने के बाद यहाँ के शासन में बाथ पार्टी का प्रभुत्व रहा है। 1963 से यहाँ आपातकाल लागू है जिसके कारण 1970 के बाद से यहाँ के शासक असद परिवार के लोग होते हैं।

नाम

सीरिया नाम प्राचीन ग्रीक से आया है। प्राचीन काल में यवन इस क्षेत्र को सीरीयोइ कहते थे। इस पद का प्रयोग प्रायः सभी तरह के असीरियाई लोगों के लिए होता था। विद्वानों का कहना है कि ग्रीक लोगों द्वारा प्रयुक्त शब्द असीरिया ही सीरिया के नाम का जनक है। असीरिया शब्द खुद अक्कदी भाषा के अस्सुर से आया है। [2]

सीरिया शब्द का मतलब बदलता रहा है। पुराने जमाने में सीरिया का अर्थ होता था भूमध्यसागर के पूरब में मिस्र तथा अरब के उत्तर तथा सिलीसिया के दक्षिण का क्षेत्र जिसका विस्तार मेसोपोटामिया तक हो और जिसे पहले असीरिया भी कहते थे।[3] रोमन साम्राज्य के समय इस सीरियाई क्षेत्रों को कई विभागों में बाँट डाला गया था। जुडया (जिसको सन् 135 में फ़लीस्तीन नाम दिया गया - आज उस फलीस्तीन के अंतर्गत आज का इसरायल, फिलीस्तीन तथा ज़ॉर्डन आते हैं) सबसे दक्षिण पश्चिम में था, फ़ोनेशिया लेबनॉन में, कोएले-सीरिया तथा मेसोपोटामिया इसके खंडों के नाम थे।

राजनीति

सीरिया की कार्यपालिका के अंग हैं - Codo mahila desa



न्यायपालिका के अंग हैं - सांवैधानिक उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय तथा दो अन्य न्यायालय।

राजनैतिक पार्टियाँ: अरब समाजवादी (बाथ) पार्टी, सीरियन अरब समाजवादी दल, अरब समाजवादी संघ, सीरियाई साम्यवादी दल, अरब समाजवादी एवम एकतावादी दल, तथा कोई 15 अन्य दल।

The famouse incident of karbala in year 61, the holy family of Imam Husain was arresed at karbala (Iraq) and shifted here in Shaam (and old city and capital of Yazeed), for around one year..the mousque of Bibi sakina (daughter of Imam Husain is situated here)

संविधान और सरकार

सीरिया का संविधान 1973 में अपनाया गया था जिसमें बाथ पार्टी को नेतृत्व का अधिकार मिला हुआ है। राष्ट्रपति का चुनाव 7 सालों के लिए होता है जिसके लिए जनमत संग्रह का प्रयोग किया जाता है। राष्ट्रपति बाथ पार्टी का महासचिव भी होता है। संविधान के अनुसार राष्ट्रपति एक मुसलमान ही हो सकता है पर इस्लाम राजधर्म नहीं है। राष्ट्रपति को मंत्रियों को बहाल कारने का, युद्ध तथा आपातकाल की घोषणा करने का तथा कानून पास करने का अधिकार देती है।

आपातकाल

सन् 1963 से देश में आपातकाल लागू है। देश की सरकार ने इसे इसरायल के साथ युद्ध तथा आतंकवादियों द्वारा दी गई धमकियों जैसे कारणों का हवाला देकर सही ठहराया है।

इतिहास

एल्बी सभ्यता

एल्बा के शहर की स्थापना सन् 3000 ईसापूर्व में हुई थी। इस सभ्यता के अवशेष सन् 1975 में उत्तरी सीरिया में मिले थे। सुमेर तथा अक्कद से इसका व्यापारिक सम्पर्क था।[4] फ़राओ के उपहारों के यहाँ मिलने से यह भी स्पश्ट होता है कि मिस्र से भी इनके सम्बन्ध थे। सीमेटिक भाषाओं का सबसे पुराना अभिलेख भी यहीं मिला है। यद्यपि आधुनिक संधानों से पता चलता है कि यह पूर्वी सेमेचिक भाषा थी और अक्कदी भाषा के अधिक करीब थी।[5] एल्बा के साम्राज्य को ईसापूर्व 2260 में अक्कद के सारगोन ने तथा उसके बाद ईसपूर्व 1900 में हिट्टियों ने फ़तह किया।

प्राचीन काल

बुसरा अल शाम में रोमन थियेटर.

कैन्ननाइच, फ़ोनेशियाई तथा अरामियनों का प्रभुत्व दूसरी शहस्त्राब्दि में बना रहा। हिब्रू लोग दमिश्क के दक्षिण में बस गए। असीरियाई, सुमेरियाई, मिस्री थथा बेबीलोनियाई लोगों के विभिन्न बसावों के बाद छठी सदी ईसापूर्व में फ़ारस के हख़ामनी साम्राज्य ने इस पर अपना अधिकार कर लिया। आने वाली दो सदियों तक पूरे पश्चिम एशिया पर फ़ारसियों का अधिकार बना रहा। ईसा के 330 साल पहले जब मकदूनिया (मेसेडोनिया) के सिकन्दर ने फ़ारस के शाह दारा तृतीय को तीन विभिन्न युद्धों में हराया तब यहाँ पर यवनों का अधिकार हो गया। इसके बाद सासानी तथा रोमनों के बीच सीरिया विभाजित रहा।[4]

रोमन शासन में एंटिओक शहर सीरिया की राजधानी रहा। तीसरी सदी में रोम के दो शासक हुए जो सीरिया से थे।

उम्मयद मस्जिद, दमिश्क

ईसाइयत के इतिहास मं सीरिया बहुत महत्वपूर्ण है।{Acts 9:1-6 Paul's Encounter with Yahweh on the Road to Damascus}

इसी प्रकार इस्लाम में भी सीरिया का स्थान बहुत महत्वपूर्ण है। उम्मयद खिलाफ़त (650-735) के समय दमिश्क इस्लाम की राजधानी था और मुसलमान दमिश्क की तरफ़ नमाज अदा करते थे। सन् 1260 तक यह अब्बासियों के अधीन रहा जिसकी राजधानी बग़दाद थी। मंगोलों के आक्रमण की वजह से 1258 में बग़दाद का पतन हो गया। मंगोलों की सेना की कमान कितबुगा के हाथों सौप दी गई थी जिसको मिस्र के मामलुकों ने आगे बढ़ने से रोक दिया। मंगोलों ने 1281 में मामलुकों पर दुबारा भारी आक्रमण किया पर वे हार गए। [6]

सन् 1400, तैमूर लंग, अथवा तमेरलेन ने सीरिया पर आक्रमण किया और अलेप्पो तथा दमिश्क में भारी तबाही मचाई। भित्तिकारों को छोड़ कर सबों को मार डाला गया और भित्तिकारों को समरकन्द ले जाया गया।[7][8] तैमूर लंग के समय से सीरिया के स्थानीय इसाईयों को प्रताड़ना दी जाने लगी। सोलहवीं सदी से लेकर बीसवीं सदी के आरंभ तक यह उस्मानी साम्राज्य (ऑटोमन तुर्क) का अंग बना रहा।

इसके बाद यहाँ प्रांस का शासन आया जो 1946 तक चला। इसके बाद से यहाँ राजनैतिक अस्थिरता रही है। बाथ पार्टी ने शासन पर अपना सिक्का जमाया और आजकल शासन में असद परिवार का प्रभुत्व है।

विभाग

सीरिया के १४ प्रान्त हैं। इन्हें मुहाफ़ज़ात (एकवचन - मुहाफ़ज़ा) कहते हैं। इराक़ के प्रांतों को भी इसी नाम से जाना जाता है। प्रांतों को 60 ज़िलों में बाँटा जाता है जिन्हें मिंतक़ा (एकवचन - मंतिक़) कहते हैं। जिले के प्रखंडों को नवाही कहते हैं।

आंतरिक मामलों के मंत्री हर राज्य के लिए एक राज्यपाल (सूबेदार) की नियुक्ति करता है। इसके लिए मंत्रीपरिषद का अनुमोदन आवश्यक होता है। हर सूबेदार के पास राज्य की एक अलग निर्वाचित परिषद होती है।


बड़े नगर

दमिश्क - अलेप्पो - लताकिया - होम्स - हमा

छोटे नगर

अल-हसाख - दीर अज़-ज़ोर - अर-रक्का - इदलिब - डारा - अस-सुवयदा - तरतूस.

शहर

अल कमीशली - नवा - अर-रास्तान - मयसफ़ - सफ़िता - जाब्लेह - अथ-थवारा - दुमा - बनियास - अन-नब्क- कुसैर - मालौला - ज़बादानी - बुसरा अल शाम - जरामाना - अत-ताल - सलामिये- सैदान्या - अल-बाब - जिस्र अल-शुग़ुर

भूगोल

Satellite image of Syria (border lines added).

सीरिया का अधिकांश क्षेत्र शुष्क है। पश्चिम में भूमध्य सागर से लगे तथा फ़ुरात नदी के तटीय प्रदेश नम और हरित हैं। इन स्थानों पर आबादी का मुख्य हिस्सा निवास करता है। फ़ुरात नदी सीरिया की सबसे महत्वपूर्ण नदी है। यह क्षेत्र विश्व के सबसे प्राचीन सभ्यता का पलना रहा है।


देश के दक्षिण पूर्व में दमिश्क है जो देश की राजधानी के साथ सबसे बड़ा नगर भी है।

सीरिया का मानचित्र

सीरिया की जलवायु शुष्क और गर्म है। सर्दियां ठंडी होती हैं। कभी कभी हिमपात भी होता है। सबसे पहले 1956 में यहाँ पेट्रोलियम की खोज हुई थी। सुवायदिया, क़रत्सुई तथा रुमाइयाँ में प्रमुथ तेल क्षेत्र हैं। ये तेल क्षेत्र इराक के मोसुल तथा किरकुक के पास के तेल क्षेत्रों के प्राकृतिक विस्तार हैं। जबेसा में 1940 में प्राकृतिक गैस के भंडारों का पता लगा था। पेट्रोलियम सीरिया का प्रमुख निर्यात है।

जनवृत्त

सीरिया में जनसंख्या का घनत्व प्रतिकिलोमीटर 100 के करीब है और आबाद इलाकों में मुख्यतः फ़ुरात नदी की घाटी तथा पहाड़ों और तटीय प्रदेशों के बीच बसती है। 2008 में किए गए एक सर्वे में पाया गया कि सीरिया में कोई 18 लाख शरणार्थी इराक़, सोमालिया और फलीस्तीन से आकर बसे हैं। [9]

छः से ग्यारह साल के बच्चों के लिए शिक्षा मुफ़्त और अनिवार्य है। 15 साल या उससे अधिक की उम्र के लोगों के लिए साक्षरता की दर पुरुषों में 86 प्रतिशत है जबकि महिलाओं में 74 प्रतिशत।

नस्ल

तीन सीरियाई लोग, 1873.

अधिकांश सीरियाई यहाँ के मूल लैवैंटाइन लोग हैं। वे अपने पड़ोसियों से नस्ली रिश्ते रखते हैं - फ़लीस्तीनियों, लेबनानियों तथा ज़ॉर्डनियों से इनकी नृजातिक करीबी है।[10] आजकल सीरियाइयों को अरब कहा जाता है - जैसा कि अरब भाषी किसी भी अरब दुनया के मुबालिक को कहा जाता है - ये लोग उसी क्षेत्र में पाँच हज़ार साल से रह रहे लोगों के अन्य जातियों के साथ नस्ली मिश्रण से बने हैं। सीरिया के लोग, चाहे वो मुस्लिम हों या इसाई, पूरे अरबी लोग हैं - संस्कृति, भाषा और तहज़ीब के हिसाब से। सीरीयाई अरबों की आबादी सीरिया की कुल आबादी का 90 प्रतिशत है।[11]

ग़ैर अरब अल्पसंख्यकों में से प्रमुख हैं:

  • कुर्द - 9%).[12] कुर्द मुख्यतः उत्तर पूर्वी क्षेत्र में रहते हैं जो तुर्की तथा इराक के सटे क्षेत्र हैं।
  • तुर्क. - इन्हें सीरियाई तुर्कमेन कहा जाता है। ये मुख्यतः अलेप्पो, दमिश्क तथा लताकिया में रहते हैं।

सीरियाई लोग लातिन अमेरीकी देशों में भी प्रवास करते हैं। ब्राजील तथा अर्जेंटीना में सीरियाई लोग अचछी संख्या में वास करते हैं।[13][14]

धर्म

सीरिया की 90 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है और 10 प्रतिशत ईसाई। सुन्नी मुस्लिम कुल जनसंख्या के 74 प्रतिशत हैं जबकि शिया क़रीब 13 प्रतिशत। दमिश्क में कुछ यहूदी भी रहते हैं।[15]

भाषा

अरबी आधिकारिक भाषा है। कुर्द इलाकों के लोग कुर्द भाषा भी बोलते हैं। शिक्षित लोग अंग्रेज़ी तथा फ्रेंच भी बोलते हैं।

अर्थव्यवस्था

सीरिया एक विकासशील अर्थव्यवस्था है जिसके प्रमुख स्तंभ कृषि, पेट्रोलियम, उद्योग और पर्यटन हैं। तेल के उत्पादन में आ रही गिरावट, गैर-सरकारी प्रतिष्ठानों के खराब प्रदर्शन तथा निम्न औद्योगिक तथा कृषि उत्पादन के कारण सीरिया की अर्थव्यवस्था कमज़ोर हो गई है।

यहाँ के सकल घरेलू उत्पाद के विकास की दर 2.9 प्रतिशत है।

ऐसा अनुमान लगाया जाता है कि सीरिया 2012 तक तेल के निर्यातक की बजाय आयातक बन जाएगा। सीरिया से गैस का निर्यात नहीं होता। सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है।

बेरोजगारी की दर, सीरिया की सरकार के मुताबिक 7.5 फ़ीसदी है।

विदेशी व्यापार

1951 में इसरायल के अधिकार के विरोध में सीरिया ने कर और चुंगियों की सामान्य सहमति से अपना नाम वापस ले लिया और इसके बाद से सीरिया विश्व बाज़ार में अपना स्थान बनाने में अक्षम रहा है। siria

परिवहन

सीरिया के दो प्रमुख हवाई अड्डे हैं - दमिश्क और अलेप्पो। माल ढोने का काम रेलगाड़ियों द्वारा होता है। सीएफ़एस (सारियाई रेलवे कम्पनी) तथा टासीडीडी (तुर्क रेलवे कम्पनी) दो रेलसेवा प्रदान करने वाली कम्पनिया हैं। सीरिया की रेलसेवा अच्छी खासी तेज और दुरुस्त है।[16].

सीरिया के सीमा विवाद

तुर्की के साथ इस्कांदरन (हताय) प्रांत को लेकर विवाद

सारिया का कहना है कि इस्कांदरान प्रांत तुर्की को फ्रांस द्वारा अनुचित रूप से 1930 में दे दिए गए थे। उस समय सीरिया पर फ्रांस का अधिकार था। तुर्कों को कहना है कि हताय (इस्कांदरान) उस्मानी (ऑटोमन) साम्राज्य का अंग था और इस कारण इस क्षेत्र पर उनका अधिकार बनता है। तुर्कों की नज़र में सीरिया का संपूर्ण क्षेत्र भूतपूर्व तुर्क विलायत है। सीरियाई लोग इस क्षेत्र को लिवा अलिस्केन्दरुना नाम से संबोधित करते हैं जबकि तुर्क प्रशासन इसे हताय नाम देता है।


गोलान पठार पर इसरायल का दावा

गोलान दक्षिण पश्चिम का एक क्षेत्र है जो 1850 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है। इस पहाड़ी क्षेत्र की उँचाई 2500 मीटर से अधिक है और इससे मैदानी क्षेत्रों पर नियंत्रण रखने में आसानी होती है। 1949 में इसरायल के साथ हुई एक संधि के मुताबिक इसके पास दोनों देशों की सीमा तय हुई थी और इस पहाड़ी क्षेत्र को असैनिक क्षेत्र बनाने का फ़ैसला किया गया था। पर सीरिया ने इस क्षेत्र का इस्तेमाल इसराइली किसानों पर हमला करने के लिए किया जिसके फलस्वरूप इसरायल ने सन् 1967 में 6 दिनी लड़ाई में छीन लिया। [17] इसका जवाब सीरिया ने यहूदी (इसरायल के लोगों का धर्म) लोगों के पवित्रतम दिन योम किप्पुर के दिन सन् 1973 में इसरायल पर आक्रमण करके देने की कोशिश की। [18] इसके बाद 1974 में संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप के बाद इसरायल ने गोलान के सीरियाइयों को सीरिया में व्यापार करने की इजाजत दे दी। [19] गोलान के सीरियाई छात्रों को सीचियाई विश्वविद्यालय में पढ़ने की भी अनुमति मिल गई है।[20]

संस्कृति

कीलाकार लिप की खोज सीरिया में ईसापूर्व 14वीं सदी में हुई थी। सीरिया का इतिहास बहुत पुराना है और यहाँ पारंपरिक सांस्कृतिक मूल्यों को आदरभाव से देखा जाता है। परिवार, धर्म, शिक्षा, अनुशासन तथा आदर को महत्व दिया जाता है। अल-समा और दबकेस पारंपरिक नृत्य हैं। विवाह और संतान प्राप्ति पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अधिकता देखने को मिलती है।

पारंपरिक रूप से निवास एक या अधिक आंगन के चारो ओर बनाए जाते हैं। इनके बीच प्रायः एक झरना होता है और चारो ओर नींबू, अंगूर और फूलों के पौधे लगे होते हैं।

सीरियाई लोगों ने अरबी भाषा में बहुमूल्य योगदान दिया है। कई सीरियाई लेखक मिस्र चले गए जिन्होंने 19वीं सदी के अरबी लेखन के पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। इनमें से प्रमुख हैं - अली अहमद सैद, मुहम्मद मगौत, हैदर हैदर, गडा अल-सम्मन, निज़ार क़ब्बानी और ज़करिया तामेर

सीरियाई खानों में दक्षिणी भूमध्यसागरीय, पश्चिम एशियाई और तुर्क खानों का प्रभाव है।

मेले और त्यौहार

पर्व और त्यौहार नगर मास
फूलों का त्यौहार लताकिया अप्रैल
पारंपरिक पलमीरा मई
अंतर्राष्ट्रीय फूल मेला दमिश्क मई
सीरियाई गीत मेला अलेप्पो जुलाई
मारमरिता मारमरिता अगस्त
लत्ती त्यौहार अस्सुवायदा सितम्बर
कपास त्यौहार अलेप्पो सितम्बर
दमिश्क का अंतर्राष्ट्रीय मेला दमिश्क सितम्बर
प्रेम और अमन का पर्व लताकिया 2 - 12 अगस्त
बोसरा त्यौहार बुसरा अल शाम सितम्बर
फ़िल्म और नाट्य त्यौहार दमिश्क नवम्बर
चमेली का त्यौहार दमिश्क अप्रैल

==गृहयुध्द का प्रभाव== ४ लाख लोग मारे गए

सम्बन्धित विषय