श्रीविजय एयर उड़ान 182

विमान PK-CLC जो दुर्घटनाग्रस्त हुआ[1]
विमान दुर्घटना सारांश
तिथि 9 जनवरी 2021 (9 जनवरी 2021)
स्थल जावा सागर
5°57′50″S 106°34′28″E / 5.96389°S 106.57444°E / -5.96389; 106.57444निर्देशांक: 5°57′50″S 106°34′28″E / 5.96389°S 106.57444°E / -5.96389; 106.57444
यात्री 50
कर्मीदल 12 [2][3][4]
हताहत 10 (अभी तक प्राप्त साक्ष्य के अनुसार)[5]
यान का प्रकार बोइंग 737-524
संचालक श्रीविजय एयर
पंजीकरण संख्या पीके-सीएलसी
उड़ान उद्गम सुकानो हात्ता हवाई अड्डा
गंतव्य पश्चिम कालिमंतान, इंडोनेशिया

श्रीविजय एयर उड़ान 182 अनुसूचित घरेलू यात्री उड़ान थी, जो कि श्रीविजय एयर द्वारा सुकानो हात्ता हवाई अड्डा इंडोनेशिया से सुपेड़ियो अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पश्चिम कालीमंतन इंडोनेशिया तक संचालित की जाती थी। 9 जनवरी 2021 को यह प्रस्थान के चार मिनट बाद रडार से अदृष्य हो गया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि विमान हवाई अड्डे से कुछ 19 किमी दूर जावा सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

स्थानीय मछुआरे की सहायता से विमान की खोज तुरंत आरम्भ की गई। हालांकि कुछ मलबे, शरीर के अंग और कपड़ेें खोजे गए हैं पर पूर्ण विमान और सभी यात्रियों की शोध अभी भी जारी है।[6]

यात्री और विमान कर्मी दल

विमान पर 62 लोग थें, जिनमें 50 यात्री थें, छह अन्य चालक दल और छह चालक दल यात्रियों के रूप में काम कर रहे थें। माना जा रहा है कि सभी इंडोनेशियाई थें। यात्रियों में इंडोनेशिया की पीपुल्स कॉन्शियस पार्टी के राजनेता मुल्लादी तमसीर भी थें। विमान लगभग 500 किलोग्राम का भाड़ा भी वहन कर रहा था।[2][3][4][7][8][9][10]

जाँच पड़ताल

विमान के मलवों की खोजी विडियो

इंडोनेशियाई परिवहन मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि उड़ान के दौरान एक असामान्यता का उल्लेख किया गया था। विमान जकार्ता के सोएकरनो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक मानक उपकरण प्रस्थान पर रवाना हुआ। विमान को 29,000 फीट (8,800 मीटर) पर चढ़ने की मंजूरी दी गई थी। अपनी चढ़ाई के दौरान विमान अचानक उत्तर-पश्चिम की ओर चला गया। एयर कंट्रोल ने चालक दल से खराबी के बारे में पूछा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। कुछ ही सेकंड बाद, विमान रडार से गायब हो गया और दुर्घटना का शिकार हो गया।[11][12]

इंडोनेशिया के एक विमानन विशेषज्ञ ने कहा कि, विमान से प्राप्त प्रारंभिक आंकड़ों के आधार पर, फ्लाइट 182 को अचानक खराबी का सामना करना पड़ा होगा जो "इतनी तेजी से हुआ कि पायलट कुछ भी नहीं कर सके"। उन्होंने कहा कि विमान को 23 मार्च और 23 अक्टूबर 2020 के बीच श्रीविजय एयर द्वारा मरम्मत के लिए संग्रहीत किया गया था, जो अच्छे रखरखाव के इतिहास को दर्शाता है।[13]

इंडोनेशियाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एरोनॉटिक्स एंड स्पेस द्वारा विश्लेषण से पता चला कि दुर्घटना के दौरान खराब मौसम की स्थिति मौजूद नहीं थी। संस्थान द्वारा प्राप्त सैटेलाइट चित्रों में दुर्घटना के समय कोई असामान्य मौसम की स्थिति नहीं दिखाई पड़ी। संस्थान ने यह भी कहा कि जावा सागर के पास मेसोस्केल संवहन प्रणाली दिखाई दी थी, लेकिन जब तक फ्लाइट 182 ने उड़ान भरी, तब तक यह प्रणाली भंग हो चुकी थी। बाद में आंकड़ों से पता चला है कि एक 15 किमी (9.3 मील) ऊंचा कपासी वर्षी बादल न्यूनतम तापमान के साथ सोकेरनो-हट्टा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास मौजूद था, जिससे अनुमान लगाया गया कि विमान को ख़राब मौसम का सामना करना पड़ा था।[14][15]

दुर्घटना के तुरंत बाद, राज्य बीमा कंपनी ने घोषणा की कि फ्लाइट 182 में सवार यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के रिश्तेदारों को मुआवजा दिया जायेगा। मृतक के प्रत्येक परिजन को 5 करोड़ इंडोनेशियाई रुपये (3560 अमरीकी डालर) प्राप्त होंगे।[16][17]

इन्हें भी देखें