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मिताली राज
Mithali Raj Truro 2012.jpg
२०१२ में बल्लेबाजी करती मिताली राज
व्यक्तिगत जानकारी
पूरा नाम मिताली दोराई राज
जन्म 3 दिसम्बर 1982 (1982-12-03) (आयु 37)
जोधपुर, राजस्थान, भारत
बल्लेबाजी की शैली दाहिने हाथ से
गेंदबाजी की शैली दाहिने हाथ से लेग ब्रेक
भूमिका हरफनमौला
अंतर्राष्ट्रीय जानकारी
राष्ट्रीय पक्ष
टेस्ट में पदार्पण (कैप 55)14 जनवरी 2002 बनाम इंग्लैण्ड
अंतिम टेस्ट16 नवम्बर 2014 बनाम दक्षिण अफ्रीका
वनडे पदार्पण (कैप 56)26 जून 1999 बनाम आयरलैंड महिला
अंतिम एक दिवसीय19 फ़रवरी 2017 बनाम पाकिस्तान महिला
एक दिवसीय शर्ट स॰3
टी20ई पदार्पण (कैप 9)5 अगस्त 2006 बनाम इंग्लैण्ड महिला
अंतिम टी20ई4 दिसम्बर 2016 बनाम पाकिस्तान महिला
घरेलू टीम की जानकारी
वर्षटीम
2006–वर्तमान रेलवे
कैरियर के आँकड़े
प्रतियोगिता टेस्ट वनडे टी२०
मैच 10 197 84
रन बनाये 663 6,550 2,232
औसत बल्लेबाजी 51.00 51.17 37.02
शतक/अर्धशतक 1/4 6/50 0/14
उच्च स्कोर 214 114* 76*
गेंद किया 72 171 6
विकेट 0 8
औसत गेंदबाजी 11.37
एक पारी में ५ विकेट
मैच में १० विकेट n/a n/a
श्रेष्ठ गेंदबाजी 3/4
कैच/स्टम्प 11/– 39/– 16/–
स्रोत : ईएसपीएन क्रिकइन्फो, 6 जून 2018

मिताली राज (जन्म: 3 दिसम्बर 1982) भारतीय महिला क्रिकेट की मौजूदा कप्तान हैं।[1] वे टेस्ट क्रिकेट मैच में दोहरा शतक बनाने वाली पहली महिला है।[2] जून 2018 में, मिताली राज ट्वेन्टी-२० अंतर्राष्ट्रीय में 2000 रन बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने।[3][4] मिताली राज महिला एक दिवसीय अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट में 6,000 रनों को पार करने वाली एकमात्र महिला क्रिकेटर हैं। मिताली राज भारत की पहली ऐसी महिला खिलाड़ी है जिन्होंने टी२० अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में २ हजार या इससे ज्यादा रन बनाये।[5] राज एकमात्र खिलाड़ी (पुरुष या महिला) हैं जिन्होंने एक से अधिक आईसीसी ओडीआई विश्व कप फाइनल में भारत का नेतृत्व किया है, जो 2005 और 2017 में दो बार ऐसा था।[6][7]

प्रारंभिक जीवन

मिताली राज का जन्म 3 दिसम्बर 1982 को जोधपुर, राजस्थान में हुआ था। उन्होंने 'भरतनाट्यम' नृत्य में भी ट्रेंनिग प्राप्त की है और अनेक स्टेज कार्यक्रम दिए हैं। क्रिकेट के कारण वह अपनी भरतनाट्यम् नृत्य कक्षाओं से बहुत समय तक दूर रहती थी। तब नृत्य अध्यापक ने उसे क्रिकेट और नृत्य में से एक चुनने की सलाह दी थी। उनकी माँ लीला राज एक अधिकारी थी। उनके पिता धीरज राज डोराई राज बैंक में नौकरी करने के पूर्व एयर फोर्स में थे। वे स्वयं भी क्रिकेटर रहे हैं, उन्होंने मिताली को प्रोत्साहित करने के लिए हर संभव प्रयत्न किया। उसके यात्रा खर्च उठाने के लिए अपने खर्चों में कटौती की। इसी प्रकार उसकी माँ लीला राज को भी अनेक कुर्बानियाँ बेटी के लिए देनी पड़ीं। उन्होंने बेटी की सहायता हेतु अपनी नौकरी छोड़ दी ताकि जब खेलों के अभ्यास के पश्चात थकी-हारी लौटे तो वह अपनी बेटी का ख्याल रख सके। बचपन में जब उसके भाई को क्रिकेट की कोचिंग दी जाती थी, तब वह मौक़ा पाने पर गेंद को घुमा देती थी। तब क्रिकेटर ज्योति प्रसाद ने उसे नोटिस किया और कहा कि वह क्रिकेट की अच्छी खिलाड़ी बनेगी। मिताली के माता-पिता ने उसे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया तथा इस प्रकार की सहायता की जिसके कारण वह अपने इस मुकाम तक पहुँच सकी है।

खेल जीवन

हैदराबाद की मिताली राज ने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच में 1999 में पहली बार भाग लिया। यह मैच मिल्टन कीनेस, आयरलैंड में हुआ था जिसमें मिताली ने नाबाद 114 रन बनाए। उन्होंने 2001-2002 में लखनऊ में इंग्लैंड के विरुद्ध प्रथम टैस्ट मैच खेला। मिताली जब प्रथम बार अंतराराष्ट्रीय टेस्ट मैच में शामिल हुईं तो बिना कोई रन बनाए डक (ज़ीरो) पर आउट हो गई। लेकिन उसने अपने कैरियर में अपनी मेहनत के दम पर आगे बढ़कर दिखाया और अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में आज तक का सर्वाधिक स्कोर 214 रन बना कर कीर्तिमान स्थापित किया। यह रिकॉर्ड उन्होंने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ खेलते हुए 2002 में बनाया। यह महिला क्रिकेट का सर्वाधिक रन रिकॉर्ड है।

उन्होने 4 वर्षों के अंतराल के पश्चात जुलाई 2006 में मिताली राज के नेतृत्व में महिला क्रिकेट टीम ने पुनः इंग्लैंड का दौरा किया। सभी खिलाड़ी बहुत ट्रेनिंग लेकर वन डे इंटरनेशनल खेलने गई थीं। यह बी.सी.सी.आई. (क्रिकेट बोर्ड) तथा वीमेंस क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के एकीकरण की ओर क़दम था। मिताली की अगुआई में भारतीय टीम ने टांटन में इंग्लैंड को दूसरे टैस्ट में पाँच विकेट से करारी शिकस्त देकर दो मैचों की शृंखला 1-0 से जीत ली। इस प्रकार मिताली के नेतृत्व में महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को उसकी ही ज़मीन पर मात दे दी, जिससे मिताली को भरपूर प्रंशसा मिली, साथ ही जीत का श्रेय भी।

आस्ट्रेलिया की करेन बोल्टन का रिकार्ड तोड़ दिया जिसने 209 रन बना कर रिकार्ड स्थापित किया था। मिताली ने 'महिला विश्व कप 2005' में भारतीय महिला टीम की कप्तानी की। उन्होंने 2010,2011[8] एवं 2012 में आईसीसी वर्ल्ड रैंकिंग में प्रथम स्थान प्राप्त किया।[9]

सम्मान-पुरस्कार