कोरिया गणराज्य
대한민국
देहान मिन्गुक
ध्वज कुल चिह्न
राष्ट्रगान: अएगुकेगा (हिन्दी: देशभक्ति का गीत)
राजधानी
और सबसे बडा़ नगर
सिओल
37°35′N 127°0′E / 37.583°N 127.000°E / 37.583; 127.000
राजभाषा(एँ) कोरियाई
सरकार अध्यक्षीय गणराज्य
 -  राष्ट्रपति मुन जे ईन
 -  प्रधानमंत्री
स्थापना
 -  गोजोसिओन ३ अक्टूबर, २३३३ ईपू 
 -  गणराज्य घोषित १ मार्च १९१९ (de jure
 -  मुक्ति १५ अगस्त १९४५ 
 -  पहला गणराज्य १५ अगस्त१९४८ 
 -  संयुक्त राष्ट्र संघ मान्यता १२ दिसंबर १९४८ 
क्षेत्रफल
 -  कुल १००,२२२ km2 (१०८ वां)
 -  जल (%) ०.३
जनसंख्या
 -  जुलाई २००६ जनगणना ५५,८४६,८२३ (२५ वां)
सकल घरेलू उत्पाद (पीपीपी) २००५ प्राक्कलन
 -  कुल ९९४.४ अरब $ (१४ वां)
 -  प्रति व्यक्ति २०,५९० $ (३३ वां)
मानव विकास सूचकांक (२००४)०.९१२
बहुत उच्च · २६ वां
मुद्रा दक्षिण कोरियाई वॉन (KRW)
समय मण्डल कोरिया मानक समय (यू॰टी॰सी॰+९)
 -  ग्रीष्मकालीन (दि॰ब॰स॰) आकलन नहीं (यू॰टी॰सी॰+९)
दूरभाष कूट ८२
इंटरनेट टीएलडी .kr
कहावती.

दक्षिण कोरिया (कोरियाई: 대한민국 (देहान् मिन्गुक), 大韩民国 (हंजा)), पूर्वी एशिया में स्थित एक देश है जो कोरियाई प्रायद्वीप के दक्षिणी अर्धभाग को घेरे हुए है। 'शान्त सुबह की भूमि' के रूप में ख्यात इस देश के पश्चिम में चीन, पूर्व में जापान और उत्तर में उत्तर कोरिया स्थित है। देश की राजधानी सियोल दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा महानगरीय क्षेत्र और एक प्रमुख वैश्विक नगर है। यहां की आधिकारिक भाषा कोरियाई है जो हंगुल और हंजा दोनो लिपियों में लिखी जाती है। राष्ट्रीय मुद्रा वॉन है।

उत्तर कोरिया, इस देश की सीमा से लगता एकमात्र देश है, जिसकी दक्षिण कोरिया के साथ २३८ किलिमीटर लम्बी सीमा है। दोनो कोरियाओं की सीमा विश्व की सबसे अधिक सैन्य जमावड़े वाली सीमा है। साथ ही दोनों देशों के बीच एक असैन्य क्षेत्र भी है।

कोरियाई युद्ध की विभीषिका झेल चुका दक्षिण कोरिया वर्तमान में एक विकसित देश है और सकल घरेलू उत्पाद (क्रय शक्ति) के आधार पर विश्व की तेरहवीं और सकल घरेलू उत्पाद (संज्ञात्मक) के आधार पर पन्द्रहवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।कोरिया मे १५ अंतराष्ट्रीय बिमानस्थल है और करीब ५०० विश्वविद्यालय है लोग बिदेशो यहा अध्ययन करने आते है। यहा औद्योगिक विकास बहुत हुऐ है और कोरिया मे चीन सहित १५ देशो के लोग रोजगार अनुमति प्रणाली(EPS) के माध्यम से यहा काम करते है। जिसमे दक्षिण एशिया के ४ देशो नेपाल बांग्लादेश श्रीलंका पाकिस्तान है।

नामोत्पत्ति

दक्षिण कोरियाई अपने देश को हांगुक कहते हैं, जिसका शाब्दिक अर्थ है "हानों की भूमि" (हंगुल: 한국, हांजा: 韩国)। हान एक प्रागएतिहासिक जनजाति का नाम है जो कोरियाई प्रायद्वीप पर रहते थे। ये हान, हान चीनियों से अलग हैं। देश का एक उपनाम है "जोसिओन" जिसका अर्थ है, शान्त सुबह की भूमि।

दाइहान मिन्गुक देश का आधिकारिक नाम है, जिसका अर्थ है कोरिया गणराज्य या शाब्दिक अर्थ है महान हान गणराज्य (대한민국; 大韩民国)।

इतिहास

नवपाषाण काल के लोगों का कोरीयाई प्रायद्वीप पर प्रथम प्रवसन तीसरी शताब्दी ईसापूर्व का है। तबसे, यह देश चीन और जापान के बीच अपनी पहचान को बनाए हुए है। कोरिया की संस्कृति एक समृद्ध संस्कृति है जिसकी अपनी अलग पहचान है।

कोरिया का समकालीन विभाजन १९१० में जापान के कोरियाई प्रायद्वीप के अधिग्रहण से आरम्भ हुआ था। १९४५ में द्वितीय विश्व युद्ध की समाप्ति पर, कोरियाई प्रायद्वीप का दो भागों में, उस समय की दो महाशक्तियों सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा विभाजन किया गया। १९४८ में उत्तर और दक्षिण कोरिया स्वतन्त्र हुए और उत्तरी भाग साम्यवादी बना और दक्षिणी भाग अमेरिका द्वारा प्रभावित था। कोरियाई युद्ध जून १९५० से आरम्भ हुआ जिसमें उत्तर का समर्थन चीन और दक्षिण का समर्थन संयुक्त राज्य अमेरिका ने किया। १९५३ में दोनों पक्षों के बीच एक शान्ति समझौते पर हस्ताक्षर किए गए जिससे युद्ध पर विराम लगा। लेकिन आज भी दोनो कोरिया आधिकारिक रूप से युद्धरत हैं क्योंकि अभी तक किसी भी युद्ध समाप्ति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं। १९५३ से ही कोरियाई प्रायद्वीप उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच असैन्य क्षेत्र के रूप में ३८वें समानान्तर पर बँटा हुआ है और इनकी सीमा विश्व की सर्वाधिक सैन्य जमावड़े वाली सीमा है।

युद्ध के बाद, कोरिया गणराज्य में सत्तावादी शासन प्रलाणी उभरी जो स्यंग्मन र्ही और फिर पार्क चुंग-ही के अधीन थी। तानाशाही सरकार होने के बाद भी दक्षिण कोरिया ने आने वाले अगले तीन दशकों में अभूतपूर्व उन्नति की और १९५० में एक अत्यन्त पिछड़े देशों की श्रेणी से निकलकर विकसित देशों की श्रेणी में आ गया। इस अभूतपूर्व उन्नति के कारण ही दक्षिण कोरिया को चार एशियाई चीतों में से एक माना जाता है। तानाशाही सरकार के अधीन १८ मई, १९८० को ग्वांग्जू में हुए लोकतंत्र आंदोलन में मानवाधिकार हनन की बात भी सामने आई।

१९८० में हुए विरोध-प्रदर्शनों के कारण तानाशाही समाप्त हुई और एक लोकतान्त्रिक सरकार स्थापित की गई। किम देइ-जुंग देश के पहले निर्वाचित राष्ट्रपति थे जो जिनके पास वास्तविक लोकतान्त्रिक वैधता थी।

भूगोल

कोरिया गणराज्य, कोरियाई प्रायद्वीप पर दक्षिणी भाग में स्थित है और एशिया की मुख्यभूमि से १,१०० किमी की दूरी पर स्थित है। देश के पश्चिम में पीला सागर, पूर्व में जापान सागर, दक्षिण में कोरिया की खाड़ी, उत्तर में उत्तर कोरिया इसके पड़ोसी हैं। देश का कुल क्षेत्रफल १००,२२२ वर्ग किलोमीटर है।

देश का भूदृश्य अधिकांशतः पहाड़ी है और देश के ३०% भूभाग पर फैला हुआ हैं। तट से दूर इसके ३,००० द्वीप हैं जिनमें से अधिकतर निर्जन हैं और बहुत छोटे हैं। सबसे बड़ा द्वीप जेजू है। जलवायु, मॉनसूनी है, गर्मिया गर्म और आद्रतायुक्त होती हैं, सर्दिया ठण्डी और शुष्क होती हैं। वार्षिक वर्षा स्थिति सियोल में १,३७० मिलीमीटर से लेकर बूसान में १,४७० मिमी है।

राजनीति

राष्ट्रपति

दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति राष्टप्रमुख होता है। वर्तमान राष्ट्रपति ली म्यूंग-बाक हैं जो हन्नारा दल से है और २००७ में वे राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे।

सन्सद

यहाँ की सन्सद एकसदनीय है जिसमें २९९ सीटें हैं। २४३ प्रतिनिधियों का बहुसंख्यक प्रणाली के अन्तर्गत एकल-सीट निर्वाचन-क्षेत्रों से चयन किया जाता है, ४६ का चयन दलीय सूची के आधार पर किया जाता है, जिसमें ५% का अवरोधन है। प्रतिनिधियों का कार्यकाल ४ वर्षों का होता है।

देश में सन्सदीय चुनाव १९८० से आरम्भ हुए थे। १९८८ तक देश में चुनावों पर बहुत से प्रतिबन्ध थे जो राष्ट्रपतियों जैसे पार्क गुंग ही और बाद में चुन दो-ह्वान ने लगाए थे। १९८८ में देश के पहले सन्सदीय चुनाव हुए। २००८ के सन्सदीय चुनावों के परिणाम इस प्रकार हैं:

दल मतों की संख्या प्रतिशत +/- सीटों की संख्या
एकल-सीट निर्वाचन क्षेत्र
सीटों की संख्या
दलीय सूची
कुल सीटें +/-
भव्य राष्ट्रीय दल ६४,२१,६५४ ३७.४ +१.६ १३१ २२ १५३ +३२
संयुक्त लोकतान्त्रिक दल ४३,१३,१११ २५.१ −२०.३ ६६ १५ ८१ −८०
पाक गठबन्धन ग्येन्हे २२,५८,७२६ १३.१ +१३.१ १४ +१४
निर्दलीय १३,९१,३९२ ८.१ +७.८ २५ २५ +२२
उदारवादी प्रगतिशील दल ११,७३,४५२ ६.८ +६.८ १४ १८ +१८
लोकतान्त्रिक श्रम दल ९,७३,३९४ ५.६ −७.४ −५
सृजनात्मक कोरिया दल ६,५१,९८० 3.8 +३.८ +३
कुल १,७१,८३,७०९ १००.० २४५ ५४ २९९
स्रोत: एडम कार्र

अर्थव्यवस्था

KTX-Sancheon.jpg

२००८ की स्थिति तक दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था क्रय शक्ति के आधार पर विश्व की 5वीं सबसे बड़ी और संज्ञात्मक आधार पर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। प्रति व्यक्ति आय १९६३ में १०० $ से बढ़कर २००५ में २०,००० $ हो गई।

पिछले साठ वर्षों के दौरान दक्षिण कोरिया की अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में चमत्कारी परिवर्तन आया है। दशक १९४० के दौरान देश की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि-आधारित और कुछ हलके उद्योगों पर आधारित थी। अगले कुछ दशकों के दौरान अर्थव्यवस्था में हल्के उद्योगों और उपभोक्ता उत्पादों पर बल दिया गया और दशक १९७० और १९८० के दौरान भारी उद्योगों पर बल दिया गया। प्रथम ३० वर्षों के दौरान राष्ट्रपति पार्क चुंग ही ने १९६२ से पंच वर्षीय योजनाएं आरम्भ कीं, जिसके परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था बहुत तेज़ी से आगे बढ़ी और इसका स्वरूप भी बदला। दशक १९६० से १९९० के मध्य हुई अभूतपूर्व उन्नति के कारण दक्षिण कोरिया को ताइवान, सिंगापुर और हांग कांग के साथ-साथ एक एशियाई चीता माना जाता है।

१९६० के बाद से हुई इस उन्नति में दशक १९८० के अन्तिम वर्षों में उतार आने लगा। उस समय तक आर्थिक वृद्धि दर घटकर ६.५% रह गई, जबकि वेतन, जनसंख्या और मुद्रास्फीति में वृद्धि हुई। अन्य विकसित देशों के समान ही दशक १९९० में अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का योगदान बढ़ा और यह क्षेत्र प्रधान बन गया और वर्तमान में जीडीपी में दो-तिहाई योगदान देता है।[1]

जनसांख्यिकी

दक्षिण कोरिया एक समनस्लीय देश है कोरियाई जनसंख्या का बहुत बड़ा भाग (लगभग ९८%) हैं। इसके अतिरिक्त देश में लगभग १ लाख चीनी भी रहते हैं जो सीधे चीन से न होकर अन्य स्थानों जैसे हांग कांग, मकाउ, जापान, मलेशिया, भारत, फ़िलीपीन्स इत्यादी से होते हुए यहाँ आए हैं।

भाषा

कोरियाई भाषा यहाँ की आधिकारिक भाषा है जो अल्टिक भाषा परिवार से सम्बन्धित है। कोरियाई लेखन लिपि, हांगुल, का आविष्कार १४४६ में राजा सेजोंग के काल में हुआ था जिसका उद्देश्य अपनी प्रजा में शिक्षा का प्रसार करना था। हुन्मिन जिओंगिउम (훈민정음, 训 民 正音) की शाही उद्घोषणा में चीनी वर्णों को एक आम व्यक्ति द्वारा सीखना बहुत कठिन माना जाता था, जिसका शाब्दिक अर्थ है "ध्वनियां जो लोगों को सिखाने के लिए उपयुक्त हैं"। कोरियाई लिपि, चीनी लेखन लिपि से भिन्न है क्योंकि यह ध्वन्यात्मक कोरियाई से भिन्न है।

बहुत से मौलिक शब्द कोरियाई में चीनी भाषा से लिए गए और वृद्ध कोरियाई अभी भी हांजा में लिखते हैं, जो चीनी चित्रलिपि और जापानी कांजी के समान है, क्योंकि जापानी शासनकाल के दौरान कोरियाई में बोलना और लिखना प्रतिबन्धित था।

२००० में सरकार ने रोमनीकरण प्रणाली लाने का निर्णय लिया। अंग्रेज़ी अधिकान्श प्राथमिक विद्यालयों में द्वितीय भाषा के रूप में पढ़ाई जाती है। इसके अतितिक्त माध्यमिक विद्यालयों में दो वर्षों तक चीनी, जापानी, फ़्रान्सीसी, जर्मन, या स्पेनी भाषाएं भी पढ़ाई जाती हैं।

धर्म

सेओकगुरम ग्रोटो मन्दिर जो यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर घोषित है।

ईसाई धर्म और बौद्ध धर्म देश के दो प्रमुख धर्म हैं। ईसाई ४९% (३६% प्रोटेस्टेण्ट और १३% रोमन कैथलिक) और बौद्ध ४७% हैं। यद्यपि केवल ३% जनता ही स्वयं को कन्फ़्यूशियस कहती है लेकिन कोरियाई लोग कन्फ़्यूशियन विश्वासों से बहुत प्रभावित हैं। शेष कोरियाई शामनिज़्म और चिओन्दोग्यो धर्मों का पालन करते हैं।

संस्कृति

पारम्परिक वस्त्रों में कोरिया के लोग

कोरियाई पारम्परिक संस्कृति दोनों कोरियाओ में समान है, पर १९४५ में विभाजन के बाद से दोनों देशों की समकालीन संस्कृतियां विशिष्ट रूप से विकसित हुई हैं। एतिहासिक रूप से कोरिया की संस्कृति उसके पड़ोसी चीन की संस्कृति के बहुत प्रभावित रही है लेकिन फिर भी अपने विशाल पड़ोसी से अलग संस्कृति का विकास करने में दक्षिण कोरिया सफ़ल रहा है। दक्षिण कोरियाई संस्कृति, खेलकूद और पर्यटन मन्त्रालय पारम्परिक कलाओं और आधुनिक रूपान्तरों को सहायता राशि और शिक्षा प्रदान कर बढ़ावा देता है।[2]

औद्योगीकरण और नगरीकरण के कारण दक्षिण कोरिया में लोगों के रहने के ढंग में बहुत परिवर्तन आया है। बदलते अर्थतन्त्र और जीवन-शैली के कारण बड़े नगरों में जनसंख्या घनत्व बढ़ा है, विशेषकर राजधानी सियोल में, जिससे बहु-पीढ़ीय परिवारों का स्थान लघु परिवारों ने ले लिया है।

कला

कोरियाई कला अधिकतर बौद्ध धर्म और कन्फूसियस से प्रभावित है जो कि यहां कि पारम्परिक चित्रकला, मूर्तिकला और ऐतिहासिक मिट्टी के बर्तनो मे झलकती है। यहां कि मृदभांडो पर कि जाने वाली कलाकृतिया और चीनी मिट्टी कि कला जैसे जोसन काल के 'बैक्जा' और बर्तनो मे कि जाने वाली बोंचेओंग कला, इसके बाद गोरियो के काल को कोरियाई कला का विपुल काल माना जाता है इस काल कि कला विश्व मे कोरिया को एक अलग पहचान दिलाती है। हलाकि यहां कि कला उत्तर कोरिया और चीन से मेल खाती है फिर भी यहां कि कला अपने आप मे एक विशेष पहचान बनती है। दक्षिण कोरिया कि आधुनिक कला काम उत्भव कोरियाई युद्ध के उपरांत लगभग 1960-70 के दशक मे होने लगा, जब कोरियाई कलाकार ज्यामितीय संरचनाओं और अमूर्त विषयो पर रूचि रखने लगे। मनुष्य और प्रकृति मे सामंजस्यता इस समय कला के लोकप्रिय विषयो मे मे एक था। 1980 के समय सामाजिक अस्थिरता के कारन यहां कि कला मे सामाजिक मुद्दे भी दिखाई देने लगे।

द. कोरिया कि कला अंतराष्ट्रीय घटनाओ और यहां प्रदर्शित होने वाली घटनाओ जैसे 1988 काम सिओल ओलिंपिक आदि से द.कोरियाई कला प्रभावित हुई और साथ ही साथ विश्व मे पहचान मिली।

वास्तुशिल्प


पाक शैली

कोरियाई पाक शैली, हांगुक योरि, या हान्सिक, का विकास सदियों के सामाजिक और राजनैतिक परिवर्तनों के दौरान हुआ है। सामग्री और व्यंजन विभिन्न प्रान्तों में भिन्न हैं। ऐसे बहुत से क्षेत्रीय रूप से महत्वपूर्ण व्यंजन हैं जिन्का देश के विभिन्न भागों में प्रसार हुआ है। कोरियाई शाही दरबार ने एक समय सारे क्षेत्रीय विशिष्ट व्यंजनों को शाही परिवार के लिए एकत्रित किया था। शाही परिवार और जनसाधारण कोरियाईयों द्वारा खाया जाने वाला भोजन एक विशिष्ट सांस्कृतिक शिष्टाचार द्वारा विनियमित रहा है।

कोरियाई खानपान मुख्य रूप से चावल, नूडल, तोफ़ू, सब्ज़ियों, मछली और मांस पर आधारित रहा है। पारम्परिक कोरियाई भोजन बहुत से सहायक भोजनों (साइड डिश), के लिए जाना जाता है, जैसे बंचन (반찬) जो भाप मे पकाए गए छोटे दानों वाले चावलों के साथ परोसा जाता है। प्रत्येक भोजन बहुत से बंचन के साथ परोसा जाता है, किम्ची, एक किण्वित और बहुधा मसालेदार सब्ज़ी वाला भिजन है जो सभी भोजों के दौरान परोसा जाता है और विख्यात कोरियाई व्यंजनों में से एक है।

शिक्षा

शिक्षा को दक्षिण कोरिया में सफ़लता के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, इसलिए इस मामले में बहुत गलाकाट प्रतिस्पर्धा है। २००६ में अन्तर्राष्ट्रीय विद्यार्थी मूल्यांकन के ओईसीडी कार्यक्रम के परिणाम अनुसार दक्षिण कोरिया समस्या हल करने में प्रथम, गणित में तीसरे और विज्ञान में सातवें स्थान पर था।[3] दक्षिण कोरिया की शिक्षा प्रणाली प्रौद्योगिकीय रूप से अग्रवर्ती है और यह पहला ऐसा देश है जिसने पूरे देश में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के लिए उच्च गति के फ़ाइबर ऑप्टिक इण्टरनेट अभिगमन की सुविधा उपलब्ध कराई है। इस अवसरंचना का उपयोग करके, दक्षिण कोरिया ने विश्व में सर्वप्रथम डिजिटक पुस्तकें विकसित की हैं और जिनका देशभर में प्रत्येक प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में २०१३ तक निशुल्क वितरण किया गया।[4]

खेलकूद

मार्शल आर्ट्स ताक्वाण्डो का जन्म कोरिया में हुआ था। दशक १९५० और १९६० के दौरान, वर्तमान नियमों को मानकीकृत किया गया और ताक्वाण्डो २००० में आधिकारिक ओलम्पिक क्रीड़ा बना।[5] अन्य कोरियैइ मार्शल आर्ट्स में तेइक्केओन, हाप्किडो, तांग सू, कुक सूल वोन, कूम्दो और सूबाक[6]

कोरिया में फुट्बॉल पारम्परिक रूप से सर्वाधिक देखा जाने वाला खेल है। हाल ही में हुए पोल ये बताते हैं कि ५६.७% दक्षिण कोरियाई खेल प्रशंसक स्वयं को फुट्बॉल प्रशंसक बताते हैं, जबकि बेसबॉल प्रशंसक १९.१% के साथ दूसरे स्थान पर हैं। हालांकि, पोल में यह इंगित नहीं किया गया कि कितने प्रशंसक दोनों खेलों के प्रशंसक हैं।[7]

इन खेलों के अतिरिक्त दक्षिण कोरिया ने १९८६ (सियोल) और २००२ (बुसान) के एशियाई खेलों की मेज़बानी भी की थी। १९८८ में दक्षिण कोरिया में ओलम्पिक खेलों की मेज़बानी की जिसमे दक्षिण कोरिया १२ स्वर्ण, १० रजत और ११ कांस्य पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा था।

अक्टूबर २०१० में, दक्षिण कोरिया ने पहली बार राजधानी सियोल से ४०० किमी दक्षिण में स्थित येओन्गम में कोरियाई अन्तराष्ट्रीय परिपथ में फ़ॉर्मुला वन रेस का भी आयोजन किया था।

दक्षिण कोरिया और नाभिकीय अस्त्र

२००४ में दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने माना कि १९८० में दक्षिण कोरिया ने हथियार्-योग्य प्लूटोनियम प्राप्त करने के लिए परीक्षण किए थे और २००० में यूरेनियम संवर्धन के लिए। हालांकि, सियोल ने, आई॰ए॰ई॰ए को इस बारे में सूचित न करके नाभिकीय अप्रसार सन्धि का घोर उल्लंघन किया था। २६ सितम्बर, २००४ को आई॰ए॰ई॰ए विशेषज्ञों ने दक्षिण कोरिया के संवर्धन कार्यक्रम की जानकारी लेने के लिए देश के नाभिकीय ठिकानों का दौरा किया और यह सुझाया कि दक्षिण कोरिया के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम का सैन्य पहलू भी है।

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