जलडमरूमध्य

जलसंधि (अंग्रेज़ी: Strait, स्ट्रेट) या जलसंयोगी या जलडमरू पानी के ऐसे तंग मार्ग को कहते हैं जो दो बड़े पानी के समूहों को जोड़ता हो और जिसमें से नौकाएँ गुज़रकर एक बड़े जलाशय से दूसरे बड़े जलाशय तक जा सकें। इसका भौगोलिक आकार अक्सर डमरू जैसा होता है, जिसके दो बड़े जलीय भागों के मध्य में जलसंधि होती है, इसलिये इसे जलडमरूमध्य भी कहते हैं। कूटनीतिक दृष्टि से जो भी दो सागरों को जोड़ने वाले किसी जलसंधि क्षेत्र पर क़ब्ज़ा रखता है वह आने-जाने वाले व्यापारिक व सैनिक नाव-यातायात पर नज़र और नियंत्रण रख सकता है। थलसेनाएँ भी जलसंधियों की कम चौड़ाई को पार करके एक स्थान से दूसरे स्थान में प्रवेश करती हैं। इस कारणवश जलसंधियाँ इतिहास में महत्वपूर्ण रहीं हैं और उनपर अंतरराष्ट्रीय खीचातानी हमेशा से जारी रही है। उदाहरण के लिए जिब्राल्टर जलसंधि स्पेन एवं मोरोक्को भूभागों को अलग करती है, व अंध महासागर को भूमध्य सागर से जोड़ती है और इस क्षेत्र पर स्पेन, ब्रिटेन और मोरोक्को में बहुत मजा ले दे रहा है।[1][2]

इन्हें भी देखें

जिबराल्टर जल संधि -भुमध्य सागर +अटलाँटिक महासागर केरिच जल संधि- काला सागर+ अजोप सागर फास्फोरस जल संधि-मर्मरा सागर+ काला सागर डेविस जल संधि-अटलाँटिक महासागर+आर्कटिक महासागर डोवर जल संधि-इँग्लिश चैनल+उत्तरी सागर

बाहरी कड़ियाँ