गीता महालिक
जन्म 1948 (आयु 70–71)
कोरापुट, ओडिशा, भारत
व्यवसाय शास्त्रीय नर्तक
पुरस्कार पद्म श्री
केंन्द्रा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
ओडिशा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
ग्रामिनी पुरस्कार
वेबसाइट
http://about.me/GeetaMahalik

गीता महालिक (जन्म 1948)[1] भारतीय शास्त्रीय नृत्यांगना है,[2] जो कि भारतीय शास्त्रीय नृत्य के रूप ओडिसी की बेहतरीन प्रतिपादकों में से एक है।[3] यह आठ भारतीय शास्त्रीय नृत्य रूपों में सबसे पुराना है।[4][5] गीता महालिक को कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2014 में भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया।[6]

जीवनी

गीता महालिक ने बहुत ही कम उम्र में प्रसिद्ध गुरु देबा प्रसाद दाश से नृत्य सीखना शुरू कर दिया था।[7] इसके बाद मायाधर राउत से प्रशिक्षण लेने के बाद गीता को अपनी शैली विकसित करने में मदद मिली, जिसे कई पारखी लोगों ने गति के रूप में सरासर कविता के रूप में वर्णित किया। मायाधर राउत के तहत प्रशिक्षण से गीता को एक शैली विकसित करने में मदद मिली, जिसे कई विशेषज्ञ लोगों ने सच्चे रूप में बहती हुई कविता के रूप में वर्णित किया।[2] गीता ने फ्रांस, स्विट्जरलैंड, चीन, इटली, स्पेन, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, पुर्तगाल, ग्रीस और अफ्रीकी महाद्वीप के कई अन्य देशों और दुनिया भर के कई देशों में बड़े पैमाने पर यात्रा और प्रदर्शन किया है।[8][9]

उन्होंने भारत के लगभग सभी प्रमुख नृत्य समारोहों: खजुराहो नृत्य महोत्सव, एलोरा नृत्य महोत्सव, एलिफेंटा नृत्य महोत्सव, कोणार्क नृत्य महोत्सव, महाबलीपुरम महोत्सव, मुक्तेश्वर नृत्य महोत्सव, बद्री केवट उत्सव, ताज महोत्सव, उज्जैन में कालिदास समरोह में भी प्रदर्शन किया है। गंगा महोत्सव, मांडू महोत्सव और कला महोत्सव उनमें से एक है।[10][9] गीता महालिक को आमतौर पर ओडिसी की पारंपरिक शैली को एक राष्ट्रीय पहचान देने का श्रेय दिया जाता है।[9][11] वह व्यापक रूप से 'रस' (अभिव्यक्ति) की माहिर के रूप में भी जानी जाती हैं। गीता ने लावण्यवती, कृष्णभिलाषा और द्रौपदी - अंतरिम प्रश्न जैसे कई नृत्य नाटकों की कोरियोग्राफी की है, जिन्हें आलोचकों से प्रशंसा मिली है। उन्होंने अपनी नृत्यकला के माध्यम से कई परिवर्तनात्‍मक व्याख्याओं और धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष आयाम दर्शाएँ हैं। गीता महालिक ने कला और संस्कृति, विशेषकर ओडिसी नृत्य को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में स्थित एक गैर-सरकारी संगठन, "गीता उपासना" की स्थापना की है।[12][13]

उन्होंने अपने जीवन में कई पदवी हासिल की हैं, जैसे:

पुरस्कार और मान्यताएँ

  • पद्म श्री - भारत सरकार - 2014[6][14]
  • संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार - 2010[8][9]
  • ओडिशा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार - 2012[15][16]
  • ग्रामिनी पुरस्कार - भारत अंतर्राष्ट्रीय ग्रामीण सांस्कृतिक केंद्र[2]
  • सीनियर राष्ट्रीय फैलोशिप - संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार[2][8][17]

गीता महालिक भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के कलाकारों के पैनल में शामिल हैं।[8]

सन्दर्भ

  1. "Odissi" Sangeetnatak.com
  2. "About me". About me.com. 2014. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  3. "गीता महालिक के शास्त्रीय नृत्य से विद्यार्थी हुए मंत्रमुग्ध". दैनिक जागरण. अभिगमन तिथि 28 मई 2019.
  4. "Odissi and Chhau dance" (PDF). Orissa Reference Manual. 2004. मूल (PDF) से 26 August 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  5. "Archaeology". Odissi Kala Kendra. August 2014. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  6. "Padma Awards Announced". Circular. Press Information Bureau, Government of India. 25 January 2014. मूल से 2 March 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 23 August 2014.
  7. "Deba Prasad Dash". Narthaki.com. 6 November 2010. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  8. "Hindu". The Hindu. 20 February 2010. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  9. "Indian Express 2". The New Indian Express. 20 February 2010. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  10. "Meet the woman who made Kala Utsav in Gurugram a reality". हिन्दुस्तान टाइम्स (अंग्रेज़ी में). 15 मार्च 2019. अभिगमन तिथि 28 मई 2019.
  11. "Orissa diary". February 16, 2010. Orissa diary.com. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  12. "Upasana". India Mapped.com. 2014. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  13. "Halabol". Halabol.com. 2012. मूल से 2014-08-26 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  14. "पद्म पुरस्कारों की घोषणा, डॉ. माशेलकर को पद्म विभूषण". नवभारत टाइम्स. 25 जनवरी 2014. अभिगमन तिथि 28 मई 2019.
  15. "Odisha Sangeet Natak Akademi". Odisha Sangeet Natak Akademi. 2010. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  16. "Indian Express 3". The New Indian Express. 24 March 2012. अभिगमन तिथि 26 August 2014.
  17. "Geeta Mahalik: In land of bhangra, Odissi refreshes students". द टाइम्स ऑफ़ इंडिया (अंग्रेज़ी में). अभिगमन तिथि 28 मई 2019.