अंग्रेज़ी
English
बोली जाती है संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ़्रीका, फ़िजी, न्यूज़ीलैंड, ज़िम्बाबवे समेत विश्व के अन्य कई देशों में।
कुल बोलने वाले ५३ देश
संयुक्त राष्ट्र
यूरोपीय संघ
राष्ट्रमण्डल
नाटो
नाफ्टा
भाषा परिवार हिन्द यूरोपीय भाषा
  • जर्मनिक
    • पश्चिमी जर्मनिक उपशाखा
      • ऍंग्लो फ़्रिसियन
        • अंग्रेज़ी
भाषा कूट
ISO 639-1 en
ISO 639-2 eng
ISO 639-3 eng

अंग्रेज़ी भाषा (अंग्रेज़ी: English हिन्दी उच्चारण: इंग्लिश) हिन्द-यूरोपीय भाषा-परिवार में आती है और इस दृष्टि से हिंदी, उर्दू, फ़ारसी आदि के साथ इसका दूर का संबंध बनता है। ये इस परिवार की जर्मनिक शाखा में रखी जाती है। इसे दुनिया की सर्वप्रथम अन्तरराष्ट्रीय भाषा माना जाता है। ये दुनिया के कई देशों की मुख्य राजभाषा है और आज के दौर में कई देशों में (मुख्यतः भूतपूर्व ब्रिटिश उपनिवेशों में) विज्ञान, कम्प्यूटर, साहित्य, राजनीति और उच्च शिक्षा की भी मुख्य भाषा है। अंग्रेज़ी भाषा रोमन लिपि में लिखी जाती है।

यह एक पश्चिम जर्मेनिक भाषा है जिसकी उत्पत्ति एंग्लो-सेक्सन इंग्लैंड में हुई थी। संयुक्त राज्य अमेरिका के 19 वीं शताब्दी के पूर्वार्ध[तथ्य वांछित] और ब्रिटिश साम्राज्य के 18 वीं, 19 वीं और 20 वीं शताब्दी के सैन्य, वैज्ञानिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव के परिणाम स्वरूप यह दुनिया के कई भागों में सामान्य (बोलचाल की) भाषा बन गई है।[1] कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों और राष्ट्रमंडल देशों में बड़े पैमाने पर इसका इस्तेमाल एक द्वितीय भाषा और अधिकारिक भाषा के रूप में होता है।

ऐतिहासिक दृष्टि से, अंग्रेजी भाषा की उत्पत्ति ५वीं शताब्दी की शुरुआत से इंग्लैंड में बसने वाले एंग्लो-सेक्सन लोगों द्वारा लायी गयी अनेक बोलियों, जिन्हें अब पुरानी अंग्रेजी कहा जाता है, से हुई है। वाइकिंग हमलावरों की प्राचीन नोर्स भाषा का अंग्रेजी भाषा पर गहरा प्रभाव पड़ा है। नॉर्मन विजय के बाद पुरानी अंग्रेजी का विकास मध्य अंग्रेजी के रूप में हुआ, इसके लिए नॉर्मन शब्दावली और वर्तनी के नियमों का भारी मात्र में उपयोग हुआ। वहां से आधुनिक अंग्रेजी का विकास हुआ और अभी भी इसमें अनेक भाषाओँ से विदेशी शब्दों को अपनाने और साथ ही साथ नए शब्दों को गढ़ने की प्रक्रिया निरंतर जारी है। एक बड़ी मात्र में अंग्रेजी के शब्दों, खासकर तकनीकी शब्दों, का गठन प्राचीन ग्रीक और लैटिन की जड़ों पर आधारित है।

महत्व

आधुनिक अंग्रेजी, जिसको कभी - कभी प्रथम वैश्विक सामान्य भाषा के तौर पर भी वर्णित किया जाता है,[2][3]संचार, विज्ञान, व्यापार,[2] विमानन, मनोरंजन, रेडियो और कूटनीति के क्षेत्रों की प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय भाषा है।[4][4]ब्रिटिश द्वीपों के परे इसके विस्तार का प्रारंभ ब्रिटिश साम्राज्य के विकास के साथ हुआ और 19 वीं सदी के अंत तक इसकी पहुँच सही मायने में वैश्विक हो चुकी थी।[5][6] यह संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रमुख भाषा है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका की एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में पहचान और उसके बढ़ते आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव के कारण अंग्रेजी भाषा के प्रसार में महत्त्वपूर्ण गति आयी है।[3]

अंग्रेजी भाषा का काम चलाऊ ज्ञान अनेक क्षेत्रों, जैसे की चिकित्सा और कंप्यूटर, के लिए एक आवश्यकता बन चुका है; परिणामस्वरूप एक अरब से ज्यादा लोग कम से कम बुनियादी स्तर की अंग्रेजी बोल लेते हैं (देखें: अंग्रेजी भाषा को सीखना और सिखाना). यह संयुक्त राष्ट्रकी छह आधिकारिक भाषाओं में से भी एक है।

डेविड क्रिस्टल जैसे भाषाविदों के अनुसार अंग्रेजी के बड़े पैमाने पर प्रसार का एक असर, जैसा की अन्य वैश्विक भाषाओँ के साथ भी हुआ है, दुनिया के अनेक हिस्सों में स्थानीय भाषाओँ की विविधता को कम करने के रूप में दिखाई देता है, विशेष तौर पर यह असर ऑस्ट्रेलेशिया और उत्तरी अमेरिका में दिखता है और इसका भारी भरकम प्रभाव भाषा के संघर्षण (एट्ट्रीशन) में एक महत्त्वपूर्ण भूमिका निरंतर अदा कर रहा है।[7] इसी प्रकार ऐतिहासी भाषाविद, जो की भाषा परिवर्तन की जटिलता और गतिशीलता से अवगत हैं, अंग्रेजी भाषा द्वारा अलग भाषाओँ के एक नए परिवार का निर्माण करने की इसकी असीम संभावनाओं के प्रति हमेशा अवगत रहते हैं। इन भाषाविदों के अनुसार इसका कारण है अंग्रेजी भाषा का विशाल आकार और इसका इस्तेमाल करने वाले समुदायों का प्रसार और इसकी प्राकृतिक आंतरिक विविधता, जैसे की इसके क्रीओल्स (creoles) और पिजिंस (pidgins).[8]o

इतिहास

इंग्लिश एक वेस्ट जर्मेनिक भाषा है जिसकी उत्पत्ति एन्ग्लो-फ्रिशियन और लोअर सेक्सन बोलियों से हुई है। इन बोलियों को ब्रिटेन में 5 वीं शताब्दी में जर्मन खानाबदोशों और रोमन सहायक सेनाओं द्वारा वर्त्तमान के उत्तर पश्चिमी जर्मनी और उत्तरी नीदरलैण्ड[तथ्य वांछित] के विभिन्न भागों से लाया गया था। इन जर्मेनिक जनजातियों में से एक थी एन्ग्लेस[9], जो संभवतः एन्गल्न से आये थे। बीड ने लिखा है कि उनका पूरा देश ही, अपनी पुरानी भूमि को छोड़कर, ब्रिटेन[10] आ गया था।'इंग्लैंड'(एन्ग्लालैंड) और 'इंग्लिश ' नाम इस जनजाति के नाम से ही प्राप्त हुए हैं।
एंग्लो सेक्संस ने 449 ई. में डेनमार्क और जूटलैंड से आक्रमण करना प्रारंभ किया था,[11][12] उनके आगमन से पहले इंग्लैंड के स्थानीय लोग ब्रायोथोनिक, एक सेल्टिक भाषा, बोलते थे।[13] हालाँकि बोली में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण परिवर्तन 1066 के नॉर्मन आक्रमण के पश्चात् ही आये, परन्तु भाषा ने अपने नाम को बनाये रखा और नॉर्मन आक्रमण पूर्व की बोली को अब पुरानी अंग्रेजी कहा जाता है।[14]

शुरुआत में पुरानी अंग्रेजी विविध बोलियों का एक समूह थी जो की ग्रेट ब्रिटेन के एंग्लो-सेक्सन राज्यों की विविधता को दर्शाती है।[15] इनमें से एक बोली, लेट वेस्ट सेक्सन, अंततः अपना वर्चस्व स्थापित करने में सफल हुई. मूल पुरानी अंग्रेज़ी भाषा फिर आक्रमण की दो लहरों से प्रभावित हुई. पहला जर्मेनिक परिवार के उत्तरी जर्मेनिक शाखा के भाषा बोलने वालों द्वारा था; उन्होंने 8 वीं और 9 वीं सदी में ब्रिटिश द्वीपों के कुछ हिस्सों को जीतकर उपनिवेश बना दिया. दूसरा 11 वीं सदी के नोर्मंस थे, जो की पुरानी नॉर्मन भाषा बोलते थे और इसकी एंग्लो-नॉर्मन नमक एक अंग्रेजी किस्म का विकास किया। (सदियाँ बीतने के साथ, इसने अपने विशिष्ट नॉर्मन तत्व को पैरिसियन फ्रेंच और, तत्पश्चात, अंग्रेजी के प्रभाव के कारण खो दिया. अंततः यह एंग्लो-फ्रेंच विशिष्ट बोली में तब्दील हो गयी।) इन दो हमलों के कारण अंग्रेजी कुछ हद तक "मिश्रित" हो गयी (हालाँकि विशुद्ध भाषाई अर्थ में यह कभी भी एक वास्तविक मिश्रित भाषा नहीं रही; मिश्रित भाषाओँ की उत्पत्ति अलग अलग भाषाओँ को बोलने वालों के मिश्रण से होती है। वे लोग आपसी बातचीत के लिए एक मिलीजुली जबान का विकास कर लेते हैं).

स्कैंदिनेवियंस के साथ सहनिवास के परिणामस्वरूप अंग्रेजी भाषा के एंग्लो-फ़्रिसियन कोर का शाब्दिक अनुपूरण हुआ; बाद के नॉर्मन कब्जे के परिणामस्वरूप भाषा के जर्मनिक कोर का सुन्दरीकरण हुआ, इसमें रोमांस भाषाओँ से कई सुन्दर शब्दों को समाविष्ट किया गया। यह नोर्मन प्रभाव मुख्यतया अदालतों और सरकार के माध्यम से अंग्रेजी में प्रविष्ट हो गया। इस प्रकार, अंग्रेजी एक "उधार" की भाषा के रूप में विकसित हुई जिसमें लचीलापन और एक विशाल शब्दावली थी।

ब्रिटिश साम्राज्य के उदय और विस्तार और साथ ही संयुक्त राज्य अमेरिका के एक महान शक्ति के रूप में उभरने के परिणामस्वरूप अंग्रेजी का प्रसार दुनिया भर में हुआ।[तथ्य वांछित]

अंग्रेज़ी शब्दावली का इतिहास

पाँचवीं और छठी सदी में ब्रिटेन के द्वीपों पर उत्तर की ओर से एंगल और सेक्सन क़बीलों ने हमला किया था और उन्होंने केल्टिक भाषाएँ बोलने वाले स्थानीय लोगों को स्कॉटलैंड, आयरलैंड और वेल्स की ओर धकेल दिया था।

आठवीं और नवीं सदी में उत्तर से वाइकिंग्स और नोर्स क़बीलों के हमले भी आरंभ हो गए थे और इस प्रकार वर्तमान इंगलैंड का क्षेत्र कई प्रकार की भाषा बोलने वालों का देश बन गया और कई पुराने शब्दों को नए अर्थ मिल गए। जैसे – ड्रीम (dream) का अर्थ उस समय तक आनंद लेना था लेकिन उत्तर के वाइकिंग्स ने इसे सपने का अर्थ दे दिया। इसी प्रकार स्कर्ट का शब्द भी उत्तरी हमलावरों के साथ यहाँ आया। लेकिन इसका रूप बदल कर शर्ट (shirt) हो गया। बाद में दोनों शब्द अलग-अलग अर्थों में प्रयुक्त होने लगे और आज तक हो रहे हैं।

सन् ५०० से लेकर ११०० तक के काल को पुरानी अंग्रेज़ी का दौर कहा जाता है। १०६६ ईस्वी में ड्यूक ऑफ़ नॉरमंडी ने इंगलैंड पर हमला किया और यहाँ के एंग्लो-सैक्सॉन क़बीलों पर विजय पाई। इस प्रकार पुरानी फ़्रांसीसी भाषा के शब्द स्थानीय भाषा में मिलने लगे। अंग्रेज़ी का यह दौर ११०० से १५०० तक जारी रहा और इसे अंग्रेज़ी का विस्तार वाला दौर मध्यकालीन अंग्रेज़ी कहा जाता है। क़ानून और अपराध-दंड से संबंध रखने वाले बहुत से अंग्रेज़ी शब्द इसी काल में प्रचलित हुए। अंग्रेज़ी साहित्य में चौसर (Chaucer) की शायरी को इस भाषा का महत्त्वपूर्ण उदाहरण बताया जाता है।

सन् १५०० के बाद अंग्रेज़ी का आधुनिक काल आरंभ होता है जिसमें यूनानी भाषा के कुछ शब्दों ने मिलना आरंभ किया। यह दौर का शेक्सपियर जैसे साहित्यकार के नाम से आरंभ होता है और ये दौर सन १८०० तक चलता है। उसके बाद अंग्रेज़ी का आधुनिकतम दौर कहलाता है जिसमें अंग्रेज़ी व्याकरण सरल हो चुका है और उसमें अंग्रेज़ों के नए औपनिवेशिक एशियाई और अफ्रीक़ी लोगों की भाषाओं के बहुत से शब्द शामिल हो चुके हैं।
विश्व राजनीति, साहित्य, व्यवसाय आदि में अमरीका के बढ़ती हुए प्रभाव से अमरीकी अंग्रेज़ी ने भी विशेष स्थान प्राप्त कर लिया है। इसका दूसरा कारण ब्रिटिश लोगों का साम्राज्यवाद भी था। वर्तनी की सरलता और बात करने की सरल और सुगम शैली अमरीकी अंग्रेज़ी की विशेषताएँ हैं।

वर्गीकरण और संबंधित भाषाएँ

अंग्रेजी भाषा इंडो-यूरोपीय भाषा परिवार के जर्मनिक शाखा के पश्चिमी उप-शाखा की सदस्य है। अंग्रेजी के निकटतम जीवित सम्बन्धियों में दो ही नाम हैं, या तो स्कॉट्स, जो मुख्यतया स्कॉटलैंड अथवा उत्तरी आयरलैंड के हिस्सों में बोली जाती है, या फ़्रिसियन. चूँकि, स्कॉट्स को भाषाविद या तो एक पृथक भाषा या अंग्रेजी की बोलियों के एक समूह के रूप में देखते हैं, इसलिए अक्सर स्कॉट्स की अपेक्षा फ़्रिसियन को अंग्रेजी का निकटतम सम्बन्धी कहा जाता है। इनके बाद अन्य जर्मेनिक भाषाओँ का नंबर आता है जिनका नाता थोड़ा दूर का है, वे हैं, पश्चिमी यूरोपीय भाषाएँ (डच, अफ़्रीकांस, निम्न जर्मन, उच्च जर्मन) और उत्तरी जर्मेनिक भाषाएँ (स्वीडिश,डेनिश, नॉर्वेजियन, आईस्लैंडिक्) और फ़ारोईस. स्कॉट्स और संभवतः फ़्रिसियन के अपवाद के सिवा इनमें से किसी भी भाषा का अंग्रेजी के साथ पारस्परिक मेल नहीं बैठता है। इसका कारण शब्द भण्डारण, वाक्यविन्यास, शब्दार्थ विज्ञान और ध्वनी विoज्ञान में भिन्नता का होना है।[तथ्य वांछित]

अन्य जर्मेनिक भाषाओँ के साथ अंग्रेजी के शब्द भण्डारण में अंतर का मुख्य कारण अंग्रेजी में बड़ी मात्रा में लैटिन शब्दों का उपयोग है (उदाहरण के तौर पर, "एग्जिट" बनाम डच उइत्गैंग) (जिसका शाब्दिक अर्थ है "आउट गैंग", जहाँ "गैंग वैसा ही है जैसे की "गैंगवे" में) और फ्रेंच ("चेंज" बनाम जर्मन शब्द आन्देरुंग, "मूवमेंट" बनाम जर्मन बेवेगुंग (शब्दार्थ, "अथारिंग" और "बे-वे-इंग" ("रस्ते पर बढ़ते रहना")) जर्मन और अंग्रेजी का वाक्यविन्यास भी अंग्रेजी से काफी अलग है, वाक्यों को बनाने के लिए अलग नियम हैं (उदाहरण, जर्मन इच हबे नोच नी एत्वास ऑफ डेम प्लात्ज़ गेसेहें' ', बनाम अंग्रेजी " आई हेव स्टिल नेवर सीन एनिथिंग इन दी स्क्वेर "). शब्दार्थ विज्ञान अंग्रेजी और उसके सम्बन्धियों के बिच झूठी दोस्तियों का कारण है। ध्वनी के अंतर मूल रूप से सम्बंधित शब्दों को भी धुंधला देते हैं ("इनफ" बनाम जर्मन गेनुग), और कभी कभार ध्वनी और शब्दार्थ दोनों ही अलग होते हैं (जर्मन ज़ीत, "समय", अंग्रेजी के "टाइड" से सम्बंधित है, लेकिन अंग्रेजी शब्द का अर्थ ज्वार भाटा हो गया है).[तथ्य वांछित]

१५०० सौ से ज्यादा वर्षों से अंग्रेजी में यौगिक शब्दों के निर्माण और मौजूदा शब्दों में सुधार की क्रिया अपने अलग अंदाज में, जर्मनिक भाषाओँ से पृथक, चल रही है। उदहारण के तौर पर, अंग्रेजी में मूल शब्दों में -हुड, -शिप, -डम, -नेस जैसे प्रत्ययों को जोड़कर एबस्ट्रेक्ट संज्ञा का गठन हो सकता है। लगभग सभी जर्मेनिक भाषाओँ में इन सभी के सजातीय प्रत्यय मौजूद हैं लेकिन उनके उपयोग भिन्न हो गए हैं, जैसे की जर्मन "फ्री-हीत" बनाम अंग्रेजी "फ्री-डम" (-हीत प्रत्यय अंग्रेजी -हुड का सजातीय है, जबकि अंग्रेजी -डम प्रत्यय जर्मन -तुम का)

एक अंग्रेजी बोलने वाला अनेक फ्रेंच शब्दों को भी सुगमता से पढ़ सकता है (हालाँकि अक्सर उनका उच्चारण काफी अलग होता है) क्योंकि अंग्रेजी में फ्रेंच और नॉर्मन शब्दों का बड़ी मात्रा में समायोजन है। यह समायोजन नॉर्मन विजय के बाद एंग्लो-नॉर्मन भाषा से और बाद की सदियों में सीधे फ्रेंच भाषा से शब्दों को उठाने के कारण है। परिणामस्वरूप, अंग्रेजी शब्दावली का एक बड़ा भाग फ्रेंच भाषा से आता है, कुछ मामूली वर्तनी के अंतर (शब्दांत, पुरानी फ्रेंच वर्तनी का प्रयोग आदि) और तथाकथित झूठे दोस्तों के अर्थों में अंतर के साथ. अधिकांश फ्रेंच एकल शब्दों का अंग्रेजी उच्चारण (मिराज ' और कूप डी’इतट ' जैसे वाक्यांशों के अपवाद के सिवाय) पूर्णतया अंग्रेजीकृत हो गया है और जोर देने की विशिष्ट अंग्रेजी पद्धति का अनुसरण करता है।[तथ्य वांछित]डेनिश आक्रमण के फलस्वरूप कुछ उत्तरी जर्मेनिक शब्द भी अंग्रेजी भाषा में आ गए (डेनलौ देखें); इनमें शामिल हैं "स्काई", "विंडो", "एग" और "दे" (और उसके प्रकार) भी और "आर" ("टू बी" का वर्त्तमान बहुवचन)[तथ्य वांछित]

भौगोलिक वितरण

इन्हें भी देखें: जनसंख्या के आधार पर विश्व के अंग्रेज़ बोलने वाले देशों की सूची
दुनिया के प्रमुख अंग्रेजी भाषी देशों के स्थानीय अंग्रेजी वक्ताओं की सम्बंधित संख्या को दर्शाता पाई चार्ट

लगभग 37.5 करोड़ लोग अंग्रेजी को प्रथम भाषा के रूप में बोलते हैं।[16] स्थानीय वक्ताओं की संख्या के हिसाब से मंदारिन चीनी और स्पेनिश के बाद वर्त्तमान में संभवतः अंग्रेजी ही तीसरे नंबर पर आती है।[17][18] हालाँकि यदि स्थानीय और गैर स्थानीय वक्ताओं को मिला दिया जाये तो यह संभवतः दुनिया की सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन जायेगी, परन्तु यदि चीनी भाषा के मिश्रणों को जोड़ा जाये तो यह संभवतः दूसरे स्थान पर रहेगी (यह इस बात पर निर्भर करेगा की चीनी भाषा के मिश्रणों को "भाषा" कहा जाये की "बोली").[19]

सर्वाधिक वक्ताओं (जिनकी मात्रभाषा अंग्रेजी है) की संख्या के हिसाब से, घटते हुए क्रम से, देश इस प्रकार हैं: संयुक्त राज्य (21.5 करोड़),[20] यूनाइटेड किंगडम (6.1 करोड़)[21], कनाडा (1.82 करोड़)[22], ऑस्ट्रेलिया (1.55 करोड़)[23], आयरलैंड (38 लाख),[21] दक्षिण अफ्रीका (37 लाख)[24] और न्यूजीलैंड (30-37 लाख)[25]. जमैका और नाईजीरिया जैसे जैसे देशों में भी लाखों की संख्या में कोन्टिन्युआ बोली के स्थानीय वक्ता हैं। यह बोली अंग्रेजी आधारित क्रियोल से लेकर अंग्रेजी के एक शुद्ध स्वरूप तक का इस्तेमाल करती है। भारत में अंग्रेजी का द्वितीय भाषा के रूप में उपयोग करने वालों की संख्या सबसे अधिक है ('भारतीय अंग्रेजी'). क्रिस्टल का दावा है कि यदि स्थानीय और गैर स्थानीय वक्ताओं को जोड़ दिया जाये तो वर्त्तमान में भारत में अंग्रेजी को बोलने और समझने वालों की संख्या विश्व में सबसे अधिक है।[26] इसके बाद चीन गणराज्य का नंबर आता है।[27]

कुल वक्ताओं की संख्या के अनुसार देशों का क्रम

रैंक देश कुल जनसंख्या का प्रतिशत प्रथम भाषा एक अतिरिक्त भाषा के रूप में जनसंख्या टिप्पणी
1 संयुक्त राज्य अमरिकासंयुक्त राज्य अमेरिका 251,388,301 96% 215,423,557 35,964,744 262,375,152 स्रोत: अमेरिकी जनगणना 2000: भाषा का प्रयोग और अंग्रेजी बोलने की योग्यता: 2000, टैबिल 1. दूसरी भाषा बोलने वालों की संख्या में वे लोग शामिल हैं जिन्होंने कहा की वे घर पर अंग्रेजी का प्रयोग नहीं करते हैं परन्तु "अच्छी" तरह या "बहुत अच्छी" तरह इसे जानते हैं। नोट: आंकडों में 5 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को ही शामिल किया गया है
2 भारत 90,000,000 8% 78,598 65,000,000 द्वितीय भाषा के रूप में बोलने वाले.
25,000,000 तृतीय भाषा के रूप में बोलने वाले
1,028,737,436 आंकडों में दोनों शामिल हैं, अंग्रेजी को दूसरी और तीसरी भाषा के रूप में '''''''''बोलने वाले .1991 के आंकडे.[28][29] आंकडों में अंग्रेजी बोलने वाले शामिल हैं लेकिन अंग्रेजी का इस्तेमाल करने वाले नहीं.[30]
3 नाइजीरिया 79,000,000 53% 4,000,000 >75,000,000 148,000,000 आंकडे नाईजीरिया की पिगिन बोलने वालों के हैं, यह एक अंग्रेजी आधारित पिगिन या क्रियोल है। इहीमेयर के अनुसार 3 से 5 लाख स्थानीय वक्ता हैं; तालिका में इस सीमा के मध्य बिंदु का प्रयोग किया गया है। Ihemere, Kelechukwu Uchechukwu. 2006"एक बुनियादी विवरण और विश्लेषणात्मक उपचार संज्ञा खण्ड के नाइजीरिया पिडगिन में." नॉर्डिक जर्नल ऑफ अफ्रीकन स्टडीज 15 (3): 296-313
4 यूनाइटेड किंगडम 59,600,000 98% 58,100,000 1,500,000 60,000,000 स्रोत: क्रिस्टल (2005), पी. 109
5 फिलिपींस 45,900,000 52% 27000 42500000 88000000 कुल वक्ता : जनगणना 2000, आंकडों के ऊपर लेखन फिगर 7. 5 वर्ष या उससे अधिक आयु के 6.67 करोड़ लोगों में से 63.71% लोग अंग्रेजी बोल सकते हैं। स्थानीय वक्ताओं: जनगणना 1995, एंड्रयू गोंजालेज द्वारा फिलिपींस में भाषा प्लानिंग परिस्थिति में उद्घृत, बहुभाषी तथा बहुसांस्कृतिक विकास जर्नल, 19 (5 और 6), 487-525(1998)
6 कनाडा 25,246,220 85% 17,694,830 7,551,390 29,639,030 स्रोत: 2001 की जनगणना - ज्ञान राजभाषा और मातृ भाषा की. इस जन्म का वक्ताओं आंकड़ा दोनों फ्रेंच और एक मातृभाषा के रूप में अंग्रेजी, प्लस अंग्रेजी के साथ 17.572.170 लोगों और एक मातृभाषा के रूप में फ्रांस के साथ नहीं 122660 लोग शामिल हैं।
7 (ऑस्ट्रेलिया) 18,172,989 92% 15,581,329 2,591,660 19,855,288 स्रोत: 2006 की जनगणना.[31] यह आंकड़ा पहली भाषा में वास्तव में जो केवल घर पर अंग्रेजी बोलने ऑस्ट्रेलियाई निवासियों की संख्या है अंग्रेजी बोलने वालों कॉलम दिखाया. अतिरिक्त भाषा कॉलम "कौन" अच्छी तरह से "या" बहुत अच्छी तरह से अंग्रेजी बोलने का दावा अन्य निवासियों की संख्या दर्शाता है। निवासियों का एक अन्य 5% उनके घर या अंग्रेजी भाषा प्रवीणता राज्य नहीं था।
नोट: कुल = पहली भाषा + अन्य भाषा; प्रतिशत = कुल / जनसंख्या

अंग्रेजी इन देशों की प्राथमिक भाषा है : एंगुइला, एंटीगुआ और बारबुडा, ऑस्ट्रेलिया (ऑस्ट्रेलियन अंग्रेज़ी), बहामा, बारबाडोस, बरमूडा, बेलीज (बेलिजिया क्रीओल), ब्रिटिश हिंद महासागरीय क्षेत्र, ब्रिटिश वर्जिन द्वीप, कनाडा (कनाडियन अंग्रेज़ी), केमैन द्वीप, फ़ॉकलैंड द्वीप, जिब्राल्टर, ग्रेनेडा, गुआम, ग्वेर्नसे (चैनल द्वीप अंग्रेजी), गुयाना, आयरलैंड (हिबेर्नो -अंग्रेजी), आइल ऑफ मैन (मानद्वीप की अंग्रेजी), जमैका (जमैका अंग्रेजी), जर्सी, मोंटेसेराट, नॉरू, न्यूज़ीलैंड (न्यूजीलैंड अंग्रेजी), पिटकेर्न द्वीप, सेंट हेलेना, सेंट किट्स और नेविस, सेंट विंसेंट और द ग्रेनाडाइन्स, सिंगापुर,दक्षिण जॉर्जिया और दक्षिण सैंडविच द्वीप, त्रिनिदाद और टोबैगो, तुर्क और कोइकोस द्वीप समूह, ब्रिटेन, अमेरिका वर्जिन द्वीप समूह और संयुक्त राज्य अमेरिका.

कई अन्य देशों में, जहां अंग्रेजी सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा नहीं है, यह एक आधिकारिक भाषा है;ये देश हैं: बोत्सवाना, कैमरून, डोमिनिका, फिजी, माइक्रोनेशिया के फ़ेडेरेटेद राज्य, घाना, जाम्बिया, भारत, केन्या, किरिबाती, लेसोथो, लाइबेरिया, मैडागास्कर, माल्टा, मार्शल द्वीप, मॉरीशस, नामीबिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, पलाऊ, पापुआ न्यू गिनी, फिलीपिंस (फिलीपीन अंग्रेजी), पर्टो रीको, रवांडा, सोलोमन द्वीप, सेंट लूसिया, समोआ, सेशेल्स, सियरालेओन, श्रीलंका श्रीलंका, स्वाजीलैंड, तंजानिया, युगांडा, जाम्बिया और जिम्बाब्वे. यह दक्षिण अफ्रीका (दक्षिण अफ्रीकी अंग्रेजी) कि 11 आधिकारिक भाषाओं में से एक है जिन्हें बराबर का दर्जा दिया जाता है। अंग्रेजी इन जगहों की भी अधिकारिक भाषा है: ऑस्ट्रेलिया के मौजूदा निर्भर क्षेत्रों (नॉरफ़ॉक आइलैंड, क्रिसमस द्वीप और कोकोस द्वीप) और संयुक्त राज्य (उत्तरी मारियाना द्वीप समूह, अमेरिकन समोआ और पर्टो रीको),[32] ब्रिटेन के पूर्व के उपनिवेश हाँग काँग और नीदरलैंड्स एंटिलीज़.

अंग्रेजी यूनाइटेड किंगडम के कई पूर्व उपनिवेशों और संरक्षित स्थानों की एक महत्त्वपूर्ण भाषा है परन्तु इसे आधिकारिक दर्जा प्राप्त नहीं है। ऐसे स्थानों में शामिल हैं: मलेशिया, ब्रुनेई, संयुक्त अरब अमीरात, बंगलादेश और बहरीन. अंग्रेजी अमेरिका और ब्रिटेन में भी अधिकारिक भाषा नहीं है।[33][34] यद्यपि संयुक्त राज्य अमेरिका की संघीय सरकार की कोई आधिकारिक भाषा नहीं है, इसकी 50 में से 30 राज्य सरकारों द्वारा अंग्रेजी को अधिकारिक दर्जा दिया गया है।[35] हालाँकि अंग्रेजी इसराइल की एक विधि सम्मत आधिकारिक भाषा नहीं है, लेकिन देश ने ब्रिटिश जनादेश के बाद से अधिकारिक भाषा के तौर पर इसके वास्तविक उपयोग को बनाये रखा है।[36]

अंग्रेजी एक वैश्विक भाषा के रूप में

इन्हें भी देखें: अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेज़ी एवं विश्व भाषा

अंग्रेजी के प्रयोग के इतना विस्तृत होने के कारण इसे अक्सर "वैश्विक भाषा" भी कहा जाता है, आधुनिक युग की सामान्य भाषा .[3] हालाँकि अधिकांश देशों में यह अधिकारिक भाषा नहीं है, फिर भी वर्त्तमान में दुनिया भर में अक्सर इसको द्वितीय भाषा के रूप में सिखाया जाता है। कुछ भाषाविदों (जैसे की डेविड ग्रादोल) का विश्वास है कि यह अब "स्थानीय अंग्रेजी वक्ताओं" की सांस्कृतिक संपत्ति नहीं रह गयी है, बल्कि अपने निरंतर विकास के साथ यह दुनिया भर की संस्कृतियों का अपने में समायोजन कर रही है।[3] अंतर्राष्ट्रीय संधि के द्वारा यह हवाई और समुद्री संचार के लिए आधिकारिक भाषा है।[37] अंग्रेजी अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति सहित संयुक्त राष्ट्र और कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों की एक आधिकारिक भाषा है।

एक विदेशी भाषा के रूप में अंग्रेजी का सर्वाधिक अध्ययन यूरोपीय संघ में (89% स्कूली बच्चों द्वारा) होता है, इसके बाद नंबर आता है फ्रेंच (32%), जर्मन (18%), स्पेनिश (8%) और रूसियों का; यूरोपियों में विदेशी भाषाओँ कि उपयोगिता कि धरना का क्रम इस प्रकार है: 68% अंग्रेजी, फ्रेंच 25%, 22% जर्मन और 16% स्पेनिश.[38] अंग्रेजी न बोलने वाले यूरोपीय संघ के देशों में जनसँख्या का एक बड़ा प्रतिशत अंग्रेजी में बातचीत करने का सक्षम होने का दावा करता है, इनका क्रम इस प्रकार है: नीदरलैंड (87%), स्वीडन (85%), डेनमार्क (83%), लक्समबर्ग (66%), फिनलैंड (60%), स्लोवेनिया (56%), ऑस्ट्रिया (53%), बेल्जियम (52%) और जर्मनी (51%).[39] नॉर्वे और आइसलैंड भी-सक्षम अंग्रेजी बोलने वालों का एक बड़ा बहुमत है।[तथ्य वांछित]

दुनिया भर के कई देशों में अंग्रेजी में लिखित किताबें, पत्रिकाएं और अख़बार उपलब्ध होते हैं। विज्ञान के क्षेत्र में भी अंग्रेजी भाषा का ही प्रयोग सबसे अधिक होता है।[3] 1997 में, विज्ञान प्रशस्ति पत्र सूचकांक के अनुसार उसके 95% लेख अंग्रेजी में थे, हालाँकि इनमें से केवल आधे ही अंग्रेजी बोलने वाले देशों के लेखकों के थे।

बोलियाँ और क्षेत्रीय किस्में

ब्रिटिश साम्राज्य के विस्तार और द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका के प्रभुत्व के कारण दुनिया भर में अंग्रेजी का प्रसार हुआ।[3] इस वैश्विक प्रसार के कारण अनेक अंग्रेजी बोलियों और अंग्रेजी आधारित क्रीओल भाषाओँ और पिजिंस का विकास हुआ।

अंग्रेजी की दो शिक्षित स्थानीय बोलियों को दुनिया के अधिकांश हिस्सों में एक मानक के तौर पर स्वीकृत किया जाता है- एक शिक्षित दक्षिणी ब्रिटिश पर आधारित है और दूसरी शिक्षित मध्यपश्चिमी अमेरिकन पर आधारित है। पहले वाले को कभी कभार BBC (या रानी की) अंग्रेजी कहा जाता है, "प्राप्त उच्चारण" के प्रति अपने झुकाव की वजह से यह कबीले गौर है; यह कैम्ब्रिज मॉडल का अनुसरण करती है। यह मॉडल यूरोप, अफ्रीका भारतीय उपमहाद्वीप और अन्य क्षेत्रों जो की या तो ब्रिटिश राष्ट्रमंडल से प्रभावित हैं या फिर अमेरिका के साथ पहचानकृत होने के उनिच्चुक हैं, में अन्य भाषाओँ को बोलने वालों को अंग्रेजी सिखाने के लिए एक मानक के तौर पर काम करती है। बाद वाली बोली, जनरल अमेरिकी, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के अधिकांश हिस्सों में फैली हुई है। यह अमेरिकी महाद्वीपों और अमेरिका के निकट सम्बन्ध में रहे अथवा उसकी इच्छा रखने वाले क्षेत्रों (जैसे की फिलीपींस) के लिए एक मॉडल के तौर पर इस्तेमाल होती है। इन दो प्रमुख बोलियों के आलावा अंग्रेजी की अनेक किस्में हैं, जिनमे से अधिकांश में कई उप-प्रकार शामिल हैं, जैसे की ब्रिटिश अंग्रेजी के तहत कोकनी, स्काउस और जिओर्डी; कनाडियन अंग्रेजी के तहत न्यूफ़ाउंडलैंड अंग्रेजी; और अमेरिकी अंग्रेजी के तहत अफ्रीकन अमेरिकन स्थानीय अंग्रेजी ("एबोनिक्स") और दक्षिणी अमेरिकी अंग्रेजी. अंग्रेजी एक बहुकेंद्रित भाषा है और इसमें फ्रांस की 'एकेदिमिया फ्रान्काई' की तरह कोई केन्द्रीय भाषा प्राधिकरण नहीं है; इसलिए किसी एक किस्म को "सही" अथवा "गलत" नहीं माना जाता है।

स्कॉट्स का विकास, मुख्यतः स्वतन्त्र रूप से[तथ्य वांछित], समान मूल से हुआ था लेकिन संघ के अधिनियम 1707(Acts of Union 1707) के पश्चात् भाषा संघर्षण की एक प्रक्रिया आरंभ हुई जिसके तहत उत्तरोत्तर पीढियों ने अंग्रेजी के ज्यादा से ज्यादा लक्षणों को अपनाया इसके परिणामस्वरूप यह अंग्रेजी की एक बोली के रूप में विक्सित हो गयी। वर्त्तमान में इस बात पर विवाद चल रहा है कि यह एक पृथक भाषा है अथवा अंग्रेजी की एक बोली मात्र है जिसे स्कॉटिश अंग्रेजी का नाम दिया गया है। पारंपरिक प्रकारों के उच्चारण, व्याकरण और शब्द भंडार अंग्रेजी की अन्य किस्मों से भिन्न, कभी कभार भारी मात्रा में, हैं।

अंग्रेजी के दूसरी भाषा के रूप में व्यापक प्रयोग के कारण इसके वक्ताओं के लहजेभी भिन्न प्रकार के होते हैं जिनसे वक्ता की स्थानीय बोली अथवा भाषा का पता चलता है। क्षेत्रीय लहजों की अधिक विशिष्ट विशेषताओं के लिए 'अंग्रेजी के क्षेत्रीय लहजों' को देखें और क्षेत्रीय बोलियों की अधिक विशिष्ट विशेषताओं के लिए अंग्रेजी भाषा की बोलियों की सूचि को देखें. इंग्लैंड में, व्याकरण या शब्दकोश के बजाय अंतर अब उच्चारण तक ही सीमित रह गया है। अंग्रेजी बोलियों के सर्वेक्षण के दौरान देश भर में व्याकरण और शब्कोष में भिन्नता पाई गयी, परन्तु शब्द भण्डारण के एट्रिशन की एक प्रक्रिया के कारण अधिकांश भिन्नताएं समाप्त हो गयी हैं।[40]

जिस प्रकार अंग्रेजी ने अपने इतिहास के दौरान स्वयं दुनिया के कई हिस्सों से शब्दों का इस्तेमाल किया है, उसी प्रकार अंग्रेजी के उधारशब्द भी दुनिया की कई भाषाओँ में दिखाई देते हैं। यह इसके वक्ताओं के तकनीकी और सांस्कृतिक प्रभाव को इंगित करता है। अंग्रेजी आधारित अनेक पिजिन और क्रेओल भाषाओँ का गठन किया गया है, जैसे की जमैकन पेटोईस, नाइजीरियन पिजिन और टोक पिसिन. अंग्रेजी शब्दों की भरमार वाली गैर अंग्रेजी भाषाओँ के प्रकारों का वर्णन करने के लिए अंग्रेजी भाषा में अनेक शब्दों की रचना की गयी है।

अंग्रेजी की निर्माण किस्में